दिवेर घाटी में खूनी मुठभेड़: ANTF ने तस्कर को किया ढेर, अरावली की पहाड़ियों में गूंजी गोलियां


​राजसमंद-पाली सीमा। मेवाड़ और मारवाड़ को जोड़ने वाली दिवेर घाटी एक बार फिर तस्करों के खून से लाल हो गई। एंटी नार्कोटिक टास्क फोर्स (ANTF) और नशे के सौदागरों के बीच हुई भीषण मुठभेड़ में जोधपुर का कुख्यात तस्कर भूटाराम उर्फ भूट्टा पुलिस की गोली का शिकार हो गया। सीने में गोली लगते ही तस्कर ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि उसका एक साथी पुलिस की गिरफ्त में है।

​पुलिस के 'टायर बस्टर' ने रोकी रफ्तार, तस्करों ने झोंके फायर

खिंवाड़ा थाना क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई के दौरान तस्करों ने पुलिस की नाकाबंदी देख बैरिकेड्स तोड़ने की दुस्साहसपूर्ण कोशिश की। जब पुलिस ने टायर बस्टर लगाकर गाड़ी को रोका, तो तस्करों ने सीधे पुलिस पर 4-5 राउंड फायर कर दिए। जवाब में पुलिस ने भी मोर्चा संभाला और जवाबी फायरिंग में सरनाडा (डांगियावास) निवासी 36 वर्षीय भूटाराम ढेर हो गया। मौके से 500 किलो डोडा चूरा, एक अवैध पिस्टल, कारतूस और आधा दर्जन फर्जी नंबर प्लेट्स बरामद हुई हैं।

​ड्रग कॉरिडोर बना दिवेर: कब थमेगा मौत का यह खेल?

अरावली की दुर्गम पहाड़ियों का फायदा उठाकर तस्करों ने दिवेर घाटी को अपना 'सेफ पैसेज' बना लिया है। 2015 में तत्कालीन थानाधिकारी रमेश कविया को गोली मारने वाले तस्कर आज भी इस रूट का इस्तेमाल कर रहे हैं। 2023 और 2024 की बड़ी बरामदगी के बाद अब इस एनकाउंटर ने साबित कर दिया है कि यह इलाका नशे के कारोबार का नया गढ़ बन चुका है। फर्जी नंबर प्लेट और हथियारों से लैस ये गिरोह अब खाकी को चुनौती देने से भी नहीं कतरा रहे हैं।

Next Story