'सुपारी' लेकर नीयत बदली: माँ-बेटे ने दी थी बड़े बेटे की 'सुपारी',: किलर ने माँ को ही निपटाया और लूट लिया घर, अहमदाबाद क्राइम ब्रांच का बड़ा खुलासा

किलर ने माँ को ही निपटाया और लूट लिया घर, अहमदाबाद क्राइम ब्रांच का बड़ा खुलासा
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अहमदाबाद । छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के बहुचर्चित शकुंतला यादव हत्याकांड की गुत्थी को अहमदाबाद शहर क्राइम ब्रांच ने सुलझा लिया है। इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी अजय कुमार उर्फ लक्ष्मीसागर मिश्रा को अहमदाबाद के नरोडा इलाके से गिरफ्तार किया है। सह-आरोपी केतन उर्फ के.टी. तिवारी अभी भी फरार है।

पूरी कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है, जिसमें संपत्ति का विवाद, सुपारी, गद्दारी और दोहरा अपराध शामिल है।

पूरा मामला: 19 अक्टूबर 2021 को मिली थी लाश

घटना 19 अक्टूबर 2021 की है। रायपुर के टिकरापारा थाना क्षेत्र स्थित पटेल चौक पर रहने वाली विधवा महिला शकुंतला यादव का शव उनके घर में मिला था। अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने करीब 4 साल पुराने इस अंधे कत्ल का पर्दाफाश किया है।

विवाद संपत्ति का, साजिश कत्ल की

पुलिस के अनुसार, शकुंतला यादव के दो बेटे हैं - बड़ा बेटा अजय यादव (2017 से अलग) और छोटा बेटा अमित यादव (जो माँ के साथ रहता था)। शकुंतला और अमित का संपत्ति को लेकर बड़े बेटे अजय से लगातार विवाद होता था। इस विवाद को हमेशा के लिए खत्म करने के लिए शकुंतला और छोटे बेटे अमित ने बड़े बेटे अजय की हत्या की साजिश रची।

4 लाख में दी 'सुपारी', 1 लाख एडवांस

अमित रायपुर के नारायण अस्पताल में नौकरी करता था। वहाँ उसकी मुलाकात सिक्योरिटी गार्ड के रूप में काम करने वाले आरोपी अजय कुमार उर्फ लक्ष्मीसागर मिश्रा से हुई। अमित और शकुंतला ने उसे 4 लाख रुपए में अजय यादव की हत्या की सुपारी दी, जिसमें से 1 लाख रुपए एडवांस दिए गए।

किलर की नीयत हुई खराब, 'सुपारी' देने वाली को ही मारा

हैरानी की बात यह रही कि किलर ने पैसे लेकर काम नहीं किया और अपने गाँव फरार हो गया। कुछ महीनों बाद शकुंतला और अमित ने उसके गाँव जाकर उसे याद दिलाया। वह जल्द ही काम पूरा करने का झांसा देकर लौटा।

आरोपी अजय अपने साथी केतन उर्फ के.टी. तिवारी के साथ सुपारी के बहाने रायपुर पहुँचा। उसे पता चला कि छोटा बेटा अमित किसी मामले में जेल में है और माँ शकुंतला घर पर अकेली है। इस पर आरोपी की नीयत बदल गई। वह अपने साथी के साथ रात में शकुंतला के घर रुका और सुबह दोनों ने मिलकर रस्सी से गला घोंटकर शकुंतला की हत्या कर दी।

हत्या के बाद 10 लाख नकद और 35 तोला सोना लूटा

हत्या के बाद आरोपियों ने घर से 10 लाख रुपए नकद और 30-35 तोला सोने के आभूषण लूट लिए। लूटे गए आभूषण उत्तर प्रदेश के कौशांबी में एक ज्वैलर्स को बेच दिए गए।

टेक्निकल सबूतों से बचने की हर चाल नाकाम

शातिर आरोपी अजय गिरफ्तारी से बचने के लिए मोबाइल फोन, पैन कार्ड या आधार कार्ड का इस्तेमाल नहीं करता था। वह गोवा और मुंबई में छिपने के बाद 2022 से अहमदाबाद के नरोडा में रह रहा था। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने उसे धर दबोचा। रायपुर पुलिस को इस संबंध में सूचना दे दी गई है।

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