अयोध्या में बाहरी लोगों को जमीन बेची गई, अरबों रुपये का हुआ घोटाला : अखिलेश यादव का बीजेपी पर आरोप,

अयोध्या में बाहरी लोगों को जमीन बेची गई, अरबों रुपये का हुआ घोटाला : अखिलेश यादव का बीजेपी  पर आरोप,


यूपी की राजनीती में अयोध्या हरदम से लाइमलाइट में रहा है। मगर 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद से अयोध्या पर चर्चाओं का बाजार और गर्म हो गया। सत्तापक्ष में बैठी भारतीय जनता पार्टी जबसे वहां से हारी है तभी से विपक्ष अयोध्या को लकेर न सिर्फ उसकी किरकिरी उड़ा रहा है बल्कि अयोध्या में हुए उसके विकास के दावों को भी फर्जी बता रहा है। उसका कहना है की बीजेपी ने अयोध्या में विकास के नाम पर बहुत बड़ा खेल किया है। अब एक बार फिर इस मामले ने तूल पकड़ लिया है।

इंडियन एक्सप्रेस के इस रिपोर्ट पर मचा बवाल

दरअसल, मंगलवार को इंडियन एक्सप्रेस ने अयोध्या पर एक रिपोर्ट जारी करते हुए भारतीय जनता पार्टी पर बड़ा खुलासा किया था। जिसके तहत अरुणाचल प्रदेश के डिप्टी सीएम से लेकर बृजभूषण शरण सिंह के सांसद पुत्र और यूपी एसटीएफ के प्रमुख से लेकर अडाणी व लोधा जैसे ग्रुप जैसे दिग्गज अयोध्या में इन्वेस्टमेंट के लिए लाइन में लगे हुए हैं। इस खुलासे के बाद विपक्षी दलों ने बीजेपी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। इसी क्रम में सपा प्रमुख अखिलेश यादव भी जुड़ गए हैं।

अखिलेश ने योगी सरकार पर लगाया ये आरोप

बुधवार को सोशल मीडिया एक्स पर ट्वीट करते हुए साम्यवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने बीजेपी पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने अपने पोस्ट में इंडियन एक्सप्रेस के इसी रिपोर्ट को साझा करते हुए अयोध्या में बड़े पैमाने पर बीजेपी नेताओं और बड़े अधिकारियों द्वारा भ्रस्टाचार का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि रामनगरी अयोध्या में बीजेपी सरकार के सह पर उसके नेताओं और अधिकारीयों ने कौड़ियों के भाव जमीन किसानों से ले ली। इसी के साथ उन्होंने जांच की मांग तक उठाई है।

भाजपा सरकार द्वारा अयोध्या के स्थानीय लोगों के खिलाफ एक आर्थिक षड्यंत्र रचा गया – अखिलेश यादव

सोशल मीडिया X पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने लिखा कि “जैसे-जैसे अयोध्या की जमीन के सौदों का भंडाफोड़ हो रहा है, उससे ये सच सामने आ रहा है कि भाजपा राज में अयोध्या के बाहर के लोगों ने मुनाफ़ा कमाने के लिए बड़े स्तर पर जमीन की खरीद-फ़रोख़्त की है। भाजपा सरकार द्वारा पिछले 7 सालों से सर्किल रेट न बढ़ाना, स्थानीय लोगों के ख़िलाफ़ एक आर्थिक षड्यंत्र है। इसकी वजह से अरबों रुपये के भूमि घोटाले हुए हैं। यहाँ आस्थावानों ने नहीं बल्कि भू-माफियाओं ने ज़मीनें खरीदी हैं। इन सबसे अयोध्या-फैजाबाद और आसपास के क्षेत्र में रहने वालों को इसका कोई भी लाभ नहीं मिला। ग़रीबों और किसानों से औने-पौने दाम पर जमीन लेना, एक तरह से ज़मीन हड़पना है। हम अयोध्या में तथाकथित विकास के नाम पर हुई ‘धांधली’ और भूमि सौदों की गहन जांच और समीक्षा की मांग करते हैं।”

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