शराब के नशे में सरपंच कीचड़ में 'मृत' पड़ा: , पुलिस लाश उठाने लगी तो उठ खड़े होकर बोले- 'साहब, मैं जिंदा हूं!

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सागर। मध्य प्रदेश के सागर जिले में एक ऐसी घटना घटी, जो किसी हॉरर फिल्म से कम नहीं लगती। शनिवार दोपहर खुरई ग्रामीण पुलिस स्टेशन क्षेत्र के धनोरा-बंखिरिया सड़क किनारे कीचड़ में पड़ा एक व्यक्ति को ग्रामीणों ने मरा समझ लिया। नब्ज जांचने पर कोई धड़कन न मिलने पर पुलिस को सूचना दी गई। लगभग छह घंटे बाद जब पुलिस और ग्रामीण शव उठाने की तैयारी कर ही रहे थे, तभी वह व्यक्ति अचानक उठ खड़ा हुआ और कांपते स्वर में बोला, "साहब, मैं अभी जिंदा हूं!" इस नजारे को देखकर न सिर्फ ग्रामीणों के होश उड़ गए, बल्कि हाईटेक पुलिसकर्मी भी दंग रह गए। पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और लोग डर के मारे भागने लगे।
घटना दोपहर करीब तीन बजे की है। स्थानीय ग्रामीणों ने थाना इंचार्ज हुकुम सिंह को फोन कर बताया कि सड़क किनारे कीचड़ में एक व्यक्ति औंधे मुंह पड़ा है और कई घंटों से हिल नहीं रहा। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। भीड़ जमा हो चुकी थी। पुलिस ने तुरंत शव वाहन बुला लिया और पोस्टमॉर्टम की तैयारी शुरू कर दी। लेकिन जैसे ही ग्रामीणों और पुलिसकर्मियों ने शव को छुआ, वह व्यक्ति फौरन उठ बैठा। थाना प्रभारी ने बताया, "हमें लगा कोई हादसा हो गया है, लेकिन नशे की वजह से ऐसा हुआ।"
पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह व्यक्ति बाढ़ोली ग्राम पंचायत का सरपंच भरत कोरी है। उन्होंने भारी मात्रा में शराब पी ली थी। नशे में धुत होकर बाइक सड़क पर खड़ी कर दी और खुद कीचड़ में लेट गए। इतना गहरा नशा था कि छह घंटे तक बेहोश रहे, नब्ज भी धीमी पड़ गई। कुछ साहसी ग्रामीणों ने उसके हाथ-पैर रगड़े, तब होश आया। सरपंच ने स्वीकार किया, "नशा चढ़ गया था, कुछ याद नहीं।" पुलिस ने उन्हें सुरक्षित घर पहुंचाया, लेकिन नशे के खिलाफ चेतावनी दी।
यह घटना मध्य प्रदेश पुलिस की हाईटेक कार्यप्रणाली को भी रेखांकित करती है। हाल ही में एमपी पुलिस ने डिजिटल FIR, CCTV नेटवर्क और मोबाइल ऐप्स जैसे MPeCop को मजबूत किया है, जिससे ऐसी घटनाओं की त्वरित सूचना और प्रतिक्रिया संभव हो पाई। अगर पुरानी व्यवस्था होती, तो शायद देरी हो जाती। लेकिन हाईटेक सिस्टम से पुलिस ने व्हाट्सएप और हेल्पलाइन के जरिए फौरन पहुंच बनाई। ग्रामीणों का कहना है, "यह डरावनी लगी, लेकिन पुलिस की तत्परता ने सब संभाला।"
स्थानीय लोगों में अभी भी डर का माहौल है। कईयों को लगा भूत-प्रेत का साया है। लेकिन पुलिस ने स्पष्ट किया कि यह शराब का नशा ही था। जिले में नशा मुक्ति अभियान तेज करने की मांग उठ रही है। सरपंच के इस 'जिंदा हो जाने' से इलाका चर्चा का केंद्र बन गया है।
