दर्द से तड़पे केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर: एंबुलेंस का इंतजार, टाइफाइड की पुष्टि... पटना एयर एंबुलेंस से शिफ्ट

भागलपुर, : बिहार के भागलपुर में एक दर्दनाक घटना ने राजनीतिक हलकों में हड़कंप मचा दिया। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिससे वे दर्द से तड़प उठे। एनडीए कार्यकर्ता सम्मेलन में शामिल होने पहुंचे ठाकुर को एंबुलेंस का एक घंटे से ज्यादा इंतजार करना पड़ा, जिस दौरान डॉक्टरों की टीम ने उनकी निगरानी की। जांच में टाइफाइड और वायरल फीवर की पुष्टि हुई है। अब उन्हें एयर एंबुलेंस से पटना शिफ्ट करने की तैयारी है।
घटना का पूरा ब्योरा
कब-कहां हुई घटना: शुक्रवार को भागलपुर के नाथनगर विधानसभा क्षेत्र के जगदीशपुर में एनडीए कार्यकर्ता सम्मेलन के लिए पहुंचे रामनाथ ठाकुर की तबीयत देर रात बिगड़ गई। वे सर्किट हाउस में रुके थे, जहां अचानक लूज मोशन और तेज दर्द की शिकायत हुई।
इलाज और इंतजार: सर्किट हाउस में डॉक्टरों की टीम ने तुरंत प्राथमिक उपचार शुरू किया। लेकिन बेहतर इलाज के लिए पटना ले जाने का फैसला लिया गया। एंबुलेंस की व्यवस्था में देरी हुई, जिसके कारण मंत्री को करीब एक घंटे तक दर्द सहना पड़ा। स्थानीय प्रशासन ने भागलपुर डीएम के निर्देश पर एयर एंबुलेंस की व्यवस्था की, जिसमें दो डॉक्टर (डॉ. अशोक सिंह और डॉ. अमरेंद्र) उनके साथ जाएंगे।
शिफ्टिंग का समय: दोपहर 2 बजे एयर एंबुलेंस से पटना रवाना होने की योजना है। ठाकुर ने शुरुआत में भागलपुर में ही इलाज कराने की इच्छा जताई थी, लेकिन टाइफाइड की पुष्टि के बाद पटना का फैसला लिया गया।
सम्मेलन पर असर: स्वास्थ्य कारणों से ठाकुर सम्मेलन में शामिल नहीं हो पाए। कार्यक्रम में प्रदेश के अन्य बड़े नेता शिरकत करेंगे।
मंत्री रामनाथ ठाकुर कौन हैं?
रामनाथ ठाकुर (75 वर्ष) बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर के बड़े पुत्र हैं। वे जेडीयू से राज्यसभा सांसद हैं और जून 2024 में मोदी कैबिनेट में राज्य मंत्री बने। पिछड़े समाज से आने वाले ठाकुर लंबे समय से बिहार की राजनीति में सक्रिय हैं। वे लालू प्रसाद और नीतीश कुमार के मंत्रिमंडलों में भी मंत्री रह चुके हैं।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
एनडीए नेताओं ने ठाकुर के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को सूचना दी गई है, और पटना में बेहतर चिकित्सा सुविधा की व्यवस्था हो रही है।
विपक्षी दलों ने स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल उठाए हैं, खासकर एंबुलेंस देरी को लेकर।
