जीबीएस के मरीज मिलने के बाद नीमच नगर पालिका अलर्ट, पानी के सैंपलों की सघन जांच


नीमच। शहर की चावला कॉलोनी के वार्ड नंबर 1 सहित आसपास के क्षेत्रों में गुलियन बेरी सिंड्रोम के मरीज सामने आने के बाद नगर पालिका प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। बीमारी की गंभीरता को देखते हुए नगर पालिका की विशेष टीम ने शहर के व्यस्त इलाकों में जल स्रोतों और खाद्य प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई करते हुए पानी के सैंपल लिए।

नगर पालिका के केमिस्ट सुरेश पंवार के नेतृत्व में टीम ने सबसे पहले पुस्तक बाजार स्थित जैन पुस्तक भंडार के संचालक के निवास पर पहुंचकर नगरपालिका कनेक्शन के पानी की जांच की। इसके बाद टीम भारत माता चौराहा के समीप स्थित आरती पुड़ी भोजनालय पहुंची, जहां संचालक मुरली मंगानी की मौजूदगी में पानी की शुद्धता की जांच की गई।

जांच के दौरान पानी में क्लोरीन की मात्रा कम पाई गई, वहीं टीडीएस स्तर केवल 57 दर्ज किया गया, जो मानक से काफी नीचे है। इस पर अधिकारियों ने नाराजगी जताते हुए संबंधित संचालक को तत्काल वैकल्पिक शुद्ध पानी उपयोग करने और स्वच्छता के कड़े निर्देश दिए।

इसके बाद गोपावत चिल्ड वाटर के ललित पाटीदार के पानी के टेम्पो को रोककर भी जांच की गई। यहां भी टीडीएस मानक से काफी कम पाया गया। नगर पालिका के केमिस्ट सुरेश पंवार ने स्पष्ट किया कि पीने योग्य पानी के लिए टीडीएस स्तर 250 से 300 के बीच होना आवश्यक है, इससे कम स्तर स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है।

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