एक्सीडेंट क्लेम पर नहीं लगेगा टैक्स; विदेश घूमना और पढ़ाई हुई सस्ती

बजट 2026 में वित्त मंत्री ने टैक्स चोरी रोकने के बजाय टैक्स अनुपालन (Compliance) को आसान बनाने पर जोर दिया है। सरकार ने 34 लाख करोड़ रुपये के टैक्स संग्रह का अनुमान लगाया है और आम आदमी की सहूलियत के लिए कई नियमों में ढील दी है।
1. मोटर एक्सीडेंट क्लेम अब टैक्स फ्री
सड़क हादसों का शिकार हुए लोगों और उनके परिवारों के लिए यह एक बड़ी मानवीय राहत है। अब मोटर एक्सीडेंट क्लेम (Motor Accident Claim) के रूप में मिलने वाली मुआवजा राशि को इनकम टैक्स के दायरे से पूरी तरह बाहर कर दिया गया है।
2. विदेश यात्रा, शिक्षा और इलाज हुआ सस्ता (TCS में कटौती)
ओवरसीज टूर: विदेश घूमने के शौकीनों के लिए अच्छी खबर है। विदेशी टूर पैकेज पर लगने वाले TCS (Tax Collected at Source) को 5% से घटाकर मात्र 2% कर दिया गया है।
शिक्षा और मेडिकल: विदेश में पढ़ाई और इलाज के लिए भेजे जाने वाले पैसों पर भी अब 5% की जगह सिर्फ 2% टैक्स देना होगा।
3. नया इनकम टैक्स एक्ट और आसान फॉर्म
1 अप्रैल 2026 से नया कानून: 1961 के पुराने कानून की जगह अब नया इनकम टैक्स एक्ट 2025 लागू होगा। इसका उद्देश्य कानूनी पेचीदगियों को खत्म करना है।
रीडिजाइन फॉर्म: ITR फाइल करना अब सिरदर्द नहीं होगा। सरकार ने सिंपलीफाइड फॉर्म (सरल फॉर्म) डिजाइन किए हैं, जिन्हें एक आम आदमी भी बिना किसी विशेषज्ञ की मदद के आसानी से भर सकेगा।
4. बजट का गणित (अनुमानित आंकड़े)
कुल बजट अनुमान: 36.5 लाख करोड़ रुपये।
कैपिटल एक्सपेंडिचर: 11 लाख करोड़ रुपये (इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च)।
टैक्स एस्टीमेट: 34 लाख करोड़ रुपये।
5. हायरिंग सर्विस पर टैक्स
कंपनियों के लिए एम्प्लॉई हायरिंग सर्विस (कर्मचारी भर्ती सेवा) पर अब 1% से 2% के बीच टैक्स का प्रावधान किया गया है, जिसका उद्देश्य इस क्षेत्र को संगठित बनाना है।
