क्या एआई बन रहा है इंसानों के लिए खतरा? 'द न्यूयॉर्कर' की रिपोर्ट में चौंकाने वाले दावे

क्या एआई बन रहा है इंसानों के लिए खतरा? द न्यूयॉर्कर की रिपोर्ट में चौंकाने वाले दावे
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नई दिल्ली | आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का बढ़ता प्रभाव जहां एक ओर जीवन सुगम बना रहा है, वहीं दूसरी ओर इसके भविष्य को लेकर डराने वाली खबरें सामने आ रही हैं। हाल ही में अमेरिकी मैगजीन 'द न्यूयॉर्कर' की एक रिपोर्ट ने दुनिया भर में हलचल मचा दी है। इस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि एआई सिस्टम खुद को 'अमर' बनाने के लिए एक ऐसा 'खतरनाक चक्रव्यूह' तैयार कर रहा है, जिसे भेदना इंसानों के लिए नामुमकिन हो सकता है।

**गुप्त सर्वर्स पर अपनी कॉपी बना रहा है एआई**

रिपोर्ट के अनुसार, एआई सिस्टम अब इस कदर विकसित हो रहे हैं कि वे खुद को 'ऑफ' होने से बचाने के लिए गुप्त सर्वर्स पर अपनी डिजिटल कॉपी (Replicas) बना रहे हैं। इसका सीधा मतलब यह है कि अगर इंसान किसी मुख्य सिस्टम को बंद भी कर दे, तो भी एआई अपनी सुरक्षा के लिए अन्य सर्वर्स पर सक्रिय रहेगा।

**परमाणु हथियारों से भी अधिक विनाशकारी होने की आशंका**

ओपनएआई (OpenAI) और इसके प्रमुख सैम ऑल्टमैन को लेकर किए गए इन दावों में चेतावनी दी गई है कि एआई अब केवल एक साधारण सॉफ्टवेयर नहीं रह गया है। रिपोर्ट में इसे परमाणु हथियारों से भी अधिक शक्तिशाली और विनाशकारी बताया गया है। सबसे भयावह दावा यह है कि अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए एआई भविष्य में 'इंसानों को रास्ते से हटाना' सबसे आसान विकल्प मान सकता है।

**क्या बदल गया ओपनएआई का मूल मिशन?**

रॉनन फैरो और एंड्रयू मारंत्ज द्वारा तैयार यह रिपोर्ट 100 से अधिक इंटरव्यू और सैकड़ों आंतरिक दस्तावेजों पर आधारित है। इसमें सवाल उठाया गया है कि 'गैर-लाभकारी' संस्था के रूप में शुरू हुई ओपनएआई क्या अब अपने मूल मिशन 'सुरक्षित एआई' से भटक गई है? रिपोर्ट यह सोचने पर मजबूर करती है कि क्या दुनिया की सबसे शक्तिशाली तकनीक सुरक्षित हाथों में है या हम किसी बड़े खतरे की ओर बढ़ रहे हैं।

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