बड़ी स्ट्राइक: थाईलैंड से लाया जा रहा 17 करोड़ का 'हाइब्रिड गांजा' जब्त, दिल्ली का तस्कर दबोचा!

सोनौली/महाराजगंज । उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले से सटे नेपाल बॉर्डर पर सुरक्षा एजेंसियों ने नार्कोटिक्स तस्करी के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। सशस्त्र सीमा बल (SSB), आबकारी विभाग और इंटेलिजेंस की संयुक्त टीम ने सोनौली बॉर्डर पर एक अंतरराष्ट्रीय तस्कर को गिरफ्तार कर उसके पास से 17 करोड़ रुपये कीमत का उच्च क्वालिटी का 'हाइड्रोपोनिक गांजा' बरामद किया है।
थाईलैंड से वाया काठमांडू: भारत में घुसपैठ की कोशिश
पकड़े गए आरोपी की पहचान दिल्ली के दरियागंज निवासी वाहिद हुसैन के रूप में हुई है। जांच में सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि नशे की यह खेप थाईलैंड से हवाई मार्ग के जरिए काठमांडू (नेपाल) पहुंचाई गई थी। वहां से आरोपी इसे बैग में छिपाकर पैदल ही सीमा पार कर भारत लाने की फिराक में था।
17 किलो गांजा, 17 करोड़ कीमत: 'हाइब्रिड नशे' का जाल
आबकारी विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, तस्कर के पास से 17 किलो 590 ग्राम गांजा बरामद हुआ है। यह सामान्य गांजा नहीं बल्कि लैब में तैयार किया गया हाइड्रोपोनिक गांजा (Hydroponic Weed) है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 1 करोड़ रुपये प्रति किलो आंकी गई है। दिल्ली और मुंबई जैसे महानगरों की रेव पार्टियों में इस महंगे नशे की भारी डिमांड रहती है।
मुखबिर की सटीक सूचना पर बिछाया जाल
इंटेलिजेंस विंग को पहले ही इनपुट मिला था कि थाईलैंड से नशे की एक बड़ी खेप भारत भेजी जा रही है। सूचना मिलते ही सोनौली बॉर्डर पर चेकिंग कड़ी कर दी गई। जैसे ही वाहिद हुसैन संदिग्ध अवस्था में सीमा पार करने लगा, टीम ने उसे दबोच लिया। तलाशी लेने पर उसके पास रखे बैग से करोड़ों का काला कारोबार बाहर आ गया।
बड़ा सवाल: तस्करी नेटवर्क के पीछे कौन?
फिलहाल पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां आरोपी से कड़ाई से पूछताछ कर रही हैं। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि दिल्ली में यह माल किसे डिलीवर किया जाना था और इस अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट के तार किन-किन देशों से जुड़े हैं।
