चांदी में ऐतिहासिक 'ब्लैक फ्राइडे', ₹1.07 लाख की सबसे बड़ी गिरावट

भीलवाड़ा/जयपुर। बुलियन मार्केट में शुक्रवार का दिन 'सुनामी' लेकर आया। पिछले 10 दिनों से चांदी की कीमतों में जो बेतहाशा बढ़ोतरी देखी जा रही थी, वह मात्र 24 घंटे में पूरी तरह धराशायी हो गई। वायदा बाजार (MCX) में चांदी ने इतिहास की सबसे बड़ी एकदिवसीय गिरावट दर्ज की है।
खबर के मुख्य बिंदु:
ऐतिहासिक गिरावट: चांदी ₹1,07,971 टूटकर ₹2,91,922 प्रति किलो पर आ गई।
लोअर सर्किट: गिरावट की तीव्रता इतनी थी कि बाजार में कई बार 9% का लोअर सर्किट लगाना पड़ा।
सोना भी टूटा: सोने की चमक भी फीकी पड़ी और यह करीब ₹15,000 गिरकर ₹1.50 लाख प्रति 10 ग्राम के नीचे आ गया।
10 दिन की मेहनत बेकार: 19 जनवरी को चांदी ₹3.10 लाख पर थी, जो 29 जनवरी तक ₹4.20 लाख पहुँच गई थी। यह पूरी तेजी शुक्रवार को खत्म हो गई।
क्यों आई यह गिरावट?
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डॉलर की मजबूती और ऊंचे भावों पर मुनाफावसूली (Profit Booking) ने बाजार को नीचे धकेला है। साथ ही, अमेरिकी फेडरल रिजर्व के फैसलों और वैश्विक अनिश्चितता ने निवेशकों को सुरक्षित निवेश से बाहर निकलने पर मजबूर किया।
व्यापारियों की राय: भीलवाड़ा और जयपुर के सर्राफा व्यापारियों में इस अचानक गिरावट से हड़कंप मच गया है। बुलियन डीलर्स का कहना है कि उन्होंने अपने करियर में एक ही दिन में इतनी बड़ी गिरावट पहले कभी नहीं देखी।
मुनाफावसूली: रिकॉर्ड तेजी के बाद बड़े निवेशकों ने अपनी पोजीशन काटी और जमकर बिकवाली की।
* अमेरिकी राजनीति: राष्ट्रपति ट्रम्प और डेमोक्रेट्स के बीच शटडाउन टालने के समझौते से 'सेफ हेवन' के रूप में सोने की मांग घटी।
* डॉलर में मजबूती: फेडरल रिजर्व के नए प्रमुख के नाम की घोषणा और डॉलर इंडेक्स में मजबूती ने कीमतों पर दबाव बनाया।
> विशेषज्ञों की राय: बाजार तकनीकी रूप से 'ओवरबॉट' जोन में था, इसलिए इस गिरावट की आशंका पहले से थी। फिलहाल बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है।
