अब चांद पर मानव बस्तियां और होटल बनाने की दिशा में ठोस कदम,22 साल के युवा का जज्बा

अब चांद पर मानव बस्तियां और होटल बनाने की दिशा में ठोस कदम,22 साल के युवा का जज्बा
X

यह खबर अंतरिक्ष अन्वेषण की दुनिया में किसी चमत्कार से कम नहीं है। 22 वर्षीय जिस युवा की चर्चा हो रही है, वह उत्तर प्रदेश के प्रयागराज (इलाहाबाद) के रहने वाले नीलकांत भारद्वाज हैं।

नीलकांत ने अपनी कंपनी 'लूनर ड्वेलिंग्स' (Lunar Dwellings) के जरिए चांद पर मानव बस्तियां और होटल बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। आइए जानते हैं इस प्रोजेक्ट की विस्तृत जानकारी:

मुख्य विशेषताएं और योजना

* प्रोजेक्ट का नाम: इस मिशन के तहत चांद की सतह पर ऐसी संरचनाएं तैयार की जाएंगी जो रहने लायक हों। नीलकांत इसे भविष्य का 'स्पेस रिसॉर्ट' मान रहे हैं।

* 3D प्रिंटिंग तकनीक: चांद पर ईंट-पत्थर ले जाना असंभव है, इसलिए नीलकांत की योजना 3D प्रिंटिंग के जरिए चांद की मिट्टी (Regolith) का उपयोग करके वहां इमारतें खड़ी करने की है।

* सुरक्षा कवच: चांद पर वायुमंडल नहीं है, जिससे रेडिएशन और उल्कापिंडों का खतरा रहता है। नीलकांत ऐसे डिजाइन पर काम कर रहे हैं जो इन खतरों से इंसानों को बचा सके।

* लॉन्चिंग लक्ष्य: हालांकि यह एक दीर्घकालिक प्रोजेक्ट है, लेकिन प्रारंभिक डिजाइन और प्रोटोटाइप पर काम शुरू हो चुका है। उनका लक्ष्य आने वाले 10-15 वर्षों में इसे हकीकत में बदलना है।

कौन हैं नीलकांत भारद्वाज?

नीलकांत ने बहुत कम उम्र में ही अंतरिक्ष विज्ञान में गहरी रुचि दिखाई थी। उन्होंने महज 22 साल की उम्र में अपनी कंपनी रजिस्टर कराई और नासा (NASA) व इसरो (ISRO) जैसी संस्थाओं के शोध को आधार बनाकर अपना बिजनेस मॉडल तैयार किया। वह वर्तमान में कई अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष विशेषज्ञों के साथ संपर्क में हैं ताकि इस प्रोजेक्ट के लिए जरूरी तकनीक और निवेश जुटा सकें।

अंतरिक्ष पर्यटन की दौड़

वर्तमान में जहां एलन मस्क मंगल पर बस्ती बसाना चाहते हैं, वहीं नीलकांत जैसे युवा उद्यमियों का ध्यान 'लूनर टूरिज्म' पर है। यह न केवल रोमांच के लिए होगा, बल्कि वैज्ञानिकों के लिए भी एक बेस कैंप का काम करेगा।

> महत्वपूर्ण: इस प्रोजेक्ट ने भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम को वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान दी है। यदि यह सफल होता है, तो भारत अंतरिक्ष रियल एस्टेट में अग्रणी देश बन जाएगा।

>

भीलवाड़ा हलचल के लिए इस खबर पर हमारी नजर बनी हुई है।


Next Story