बलूचिस्तान में 'गृहयुद्ध' जैसे हालात: BLA ने 12 जगहों पर किए भीषण हमले, 10 सुरक्षाकर्मी ढेर; बौखलाए पाक पीएम ने फिर भारत पर मढ़ा दोष

बलूचिस्तान में गृहयुद्ध जैसे हालात: BLA ने 12 जगहों पर किए भीषण हमले, 10 सुरक्षाकर्मी ढेर; बौखलाए पाक पीएम ने फिर भारत पर मढ़ा दोष
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​दिल्ली। पाकिस्तान का बलूचिस्तान प्रांत शनिवार को भीषण धमाकों और गोलीबारी से दहल उठा। बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने एक सोची-समझी रणनीति के तहत प्रांत में एक साथ 12 से ज्यादा ठिकानों पर हमला बोल दिया। न्यूज एजेंसी AFP के मुताबिक, इन हमलों में कम से कम 10 पाकिस्तानी सुरक्षाकर्मियों की मौत हो गई है, जबकि जवाबी कार्रवाई में 37 लड़ाकों के मारे जाने का दावा किया जा रहा है।


'ऑपरेशन हेरोफ' से थर्राया पाकिस्तान

​BLA ने इस चौतरफा हमले को ‘ऑपरेशन हेरोफ’ का नाम दिया है। सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, विद्रोहियों ने शनिवार सुबह राजधानी क्वेटा के साथ-साथ पसनी, मस्तुंग, नुश्की और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण ग्वादर जिले में एक साथ मोर्चा खोला। क्वेटा में हुए हमले में ही चार पुलिसकर्मी मारे गए। हालात इतने बेकाबू हैं कि विद्रोहियों ने नुश्की जिले के डिप्टी कमिश्नर का अपहरण कर लिया है, जिनका अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है।

​पीएम शहबाज शरीफ का पुराना 'अलाप', भारत पर लगाया आरोप

​अपनी सुरक्षा और इंटेलिजेंस की नाकामी को छिपाने के लिए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने एक बार फिर वही पुराना पैंतरा अपनाया है। हमले के तुरंत बाद जारी बयान में शरीफ ने बिना किसी सबूत के इन हमलों के पीछे भारत का हाथ होने का दावा किया है। जानकारों का मानना है कि अपनी आंतरिक विफलता और बलूच विद्रोह को दबाने में नाकाम रहने के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहानुभूति बटोरने के लिए पाकिस्तान हमेशा भारत पर झूठे आरोप लगाता रहा है।

​चीन के प्रोजेक्ट्स पर भी संकट

​ग्वादर जैसे इलाकों में हुए ये हमले सीधे तौर पर चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) के लिए भी बड़ा खतरा माने जा रहे हैं। बलूच विद्रोही लंबे समय से अपने संसाधनों के दोहन और पाकिस्तानी सेना के अत्याचारों के खिलाफ लड़ रहे हैं। शनिवार के इन हमलों ने साबित कर दिया है कि बलूचिस्तान में पाकिस्तान की पकड़ बेहद कमजोर हो चुकी है।

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