गुजरात फाइटर प्लेन क्रैश में वायुसेना के पायलट की मौत

भारतीय वायुसेना (IAF) के एक जगुआर लड़ाकू विमान के गुजरात में क्रैश होने की दुखद घटना सामने आई है. इस हादसे में एक पायलट की मौत हो गई, जबकि दूसरा पायलट गंभीर रूप से घायल हो गया. घायल पायलट का फिलहाल जामनगर के अस्पताल में इलाज चल रहा है. यह दुर्घटना बुधवार रात करीब 9:30 बजे जामनगर शहर से 12 किलोमीटर दूर सुवारदा गांव के पास हुई. ट्रेनिंग मिशन पर गए इस फाइटर जेट में तकनीकी खराबी आने के बाद यह जमीन पर गिरकर आग के गोले में तब्दील हो गया. राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी भी नागरिक को नुकसान नहीं पहुंचा.
भारतीय वायुसेना ने अपने बयान में कहा, "पायलटों ने तकनीकी खराबी के चलते विमान छोड़ने का प्रयास किया और नागरिक आबादी को नुकसान से बचाने के लिए आवश्यक कदम उठाए. दुर्भाग्य से, एक पायलट ने अपनी जान गंवा दी, जबकि दूसरा घायल हो गया, जिसका अस्पताल में इलाज चल रहा है. वायुसेना गहरे शोक में है और शहीद पायलट के परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है."
कोर्ट ऑफ इंक्वायरी के आदेश
वायुसेना ने इस हादसे के पीछे के कारणों की जांच के लिए कोर्ट ऑफ इंक्वायरी के आदेश दे दिए हैं. हादसे के तुरंत बाद राहत और बचाव दल मौके पर पहुंचा और स्थिति को नियंत्रण में लिया. पुलिस के अनुसार, घायल पायलट को जामनगर के सरकारी जीजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है.
IAF के जगुआर विमानों की बढ़ती दुर्घटनाएं
गौरतलब है कि यह पहला मौका नहीं है जब भारतीय वायुसेना का जगुआर विमान हादसे का शिकार हुआ हो. इसी साल की शुरुआत में हरियाणा के पंचकूला में भी एक जगुआर फाइटर जेट तकनीकी खराबी के कारण क्रैश हो गया था. हालांकि, उस हादसे में पायलट ने आबादी वाले क्षेत्र से विमान को दूर ले जाकर सुरक्षित इजेक्ट कर लिया था.
2031 तक होंगे फेज आउट
जगुआर विमान भारतीय वायुसेना की रीढ़ माने जाते हैं और मुख्य रूप से ग्राउंड अटैक मिशनों में इस्तेमाल किए जाते हैं. ब्रिटिश-फ्रेंच सुपरसोनिक जेट अटैक एयरक्राफ्ट को भारत ने 1979 में शामिल किया था. वर्तमान में भारतीय वायुसेना के पास करीब 121 जगुआर विमान हैं, जिन्हें 2031 तक धीरे-धीरे चरणबद्ध तरीके से हटाकर स्वदेशी तेजस एमके1ए फाइटर जेट से बदला जाएगा.