छठे दौर की वार्ता के लिए 25 अगस्त को भारत आएगी अमेरिकी टीम

नई दिल्ली|अमेरिकी टीम 25 अगस्त को भारत आएगी, ताकि दोनों देशों के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते के अगले दौर की बातचीत की जा सके। एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
अधिकारी ने कहा, टीम अगले महीने के अंत में आ रही है, लेकिन दोनों पक्ष एक अगस्त से पहले एक अंतरिम व्यापार समझौते पर पहुंचने के लिए मतभेदों को सुलझाने में लगे हुए हैं। एक अगस्त वह तारीख है, जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से कई देशों पर लगाए लगाए गए टैरिफ की निलंबन अवधि खत्म हो जाएगी। इन देशों में भारत भी शामिल है। उन्होंने बताया कि अमेरिकी टीम छठे दौर की बातचीत के लिए आ रही है।
अंतरिम समझौते के लिए सहमति बनने की संभावना कम लग रही है, क्योंकि अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमिसन ग्रीयर ने कहा है कि भारत के साथ व्यापार समझौते पर और बातचीत करनी होगी। फिर भी अधिकारी उम्मीद नहीं छोड़ रहे हैं कि आखिरी समय में कोई बड़ी सफलता मिल सकती है।
ग्रीयर ने सोमवार को कहा, हम अपने भारतीय सहयोगियों से लगातार बात कर रहे हैं और हमेशा उनके साथ रचनात्मक चर्चाएं हुई हैं। अगर एक अगस्त की अंतिम तारीख आगे नहीं बढ़ाई जाती या दोनों देशों के बीच अंतरिम समझौता नहीं होता, तो भारतीय निर्यातकों को मौजूदा 10 फीसदी के ऊपर 16 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ का सामना करना पड़ सकता है।
भारत और अमेरिका की टीमें पिछले हफ्ते वॉशिंगटन में इस समझौते के पांचवें दौर की बातचीत पूरी कर चुकी हैं। भारत के मुख्य वार्ताकार और वाणिज्य विभाग के विशेष सचिव राजेश अग्रवाल और दक्षिण और मध्य एशिया के लिए अमेरिकी सहायक व्यापार प्रतिनिधि ब्रेंडन लिंच ने यह वार्ता की।
यह बातचीत महत्वपूर्ण है, क्योंकि दोनों पक्ष एक अगस्त से पहले एक अंतरिम व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की कोशिश कर रहे हैं। इस साल दो अप्रैल को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उच्च जवाबी टैरिफ लगाने की घोषणा की थी। इन टैरिफ को तुरंत 90 दिन के लिए निलंबित कर दिया गया। इसके लिए नौ जुलाई की तारीख थी और बाद में यह तारीख एक अगस्त तक बढ़ाई गई, क्योंकि अमेरिका कई देशों के साथ व्यापार समझौते कर रहा है।
अमेरिका भारत के कृषि और डेयरी क्षेत्र में टैरिफ छूट की मांग कर रहा है। लेकिन भारत ने इन क्षेत्रों अभी तक नहीं किसी देश के लिए नहीं खोला है। कुछ किसान संगठनों ने सरकार से आग्रह किया है कि व्यापार समझौते में कृषि संबंधी मुद्दों को शामिल न किया जाए। भारत इस अतिरिक्त 26 फीसदी टैरिफ को हटाने की मांग कर रहा है। साथ ही वह इस्पात और एल्यूमीनियम (50 फीसदी) और ऑटो क्षेत्र (25 फीसदी) पर लगे टैरिफ में छूट चाहता है। ये मुद्दे व्यापार समझौते की वार्ता के महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
