भारत-फ्रांस रिश्तों पर मंथन, यूक्रेन जंग पर भी चर्चा

नई दिल्ली |प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से बातचीत की है। दोनों नेताओं ने वार्ता में भरोसेमंद और बहुआयामी साझेदारी को और गहरा करने पर जोर दिया। दोनों नेताओं ने रक्षा, तकनीक, ऊर्जा, शिक्षा, अंतरिक्ष और क्षेत्रीय-वैश्विक मुद्दों पर विचार-विमर्श किया। पीएम मोदी ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर एक पोस्ट कर इस बारे में जानकारी दी। उन्होंने यह भी बताया कि इस दौरान उनके बीच विशेष तौर पर रूस-यूक्रेन युद्ध पर चर्चा की। दोनों ने युद्ध खत्म कर शांति स्थापित करने को लेकर अपनी प्रतिबद्धिता जाहिर की।
इस दौरान दोनों नेताओं ने भारत-फ्रांस रणनीतिक संबंधों का सकारात्मक मूल्यांकन किया। मैक्रों के साथ फोन पर बातचीत के बाद, मोदी ने कहा कि नई दिल्ली और पेरिस के बीच रणनीतिक साझेदारी वैश्विक शांति और स्थिरता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रहेगी। पीएम मोदी ने फरवरी में भारत की ओर से आयोजित एआई इम्पैक्ट शिखर सम्मेलन के निमंत्रण को स्वीकार करने के लिए मैक्रों को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि वे फ्रांसीसी राष्ट्रपति का स्वागत करने के लिए उत्सुक हैं।
यूक्रेन युद्ध को खत्म कर शांति स्थापित करने के प्रयासों पर भी चर्चा
पीएम मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों ने यूक्रेन संघर्ष को जल्द से जल्द समाप्त करने के लिए चल रहे प्रयासों पर विचार-विमर्श किया। प्रधानमंत्री ने क्षेत्र में शांति और स्थिरता की शीघ्र बहाली के लिए भारत के आह्वान को दोहराया। पिछले महीने व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके यूक्रेनी समकक्ष वोलोदिमिर जेलेंस्की के बीच बातचीत के दौरान मौजूद यूरोपीय नेताओं में मैक्रों भी शामिल थे।
पीएम मोदी की पोस्ट में क्या?
पीएम मोदी ने अपने पोस्ट में लिखा कि राष्ट्रपति मैक्रों के साथ बहुत अच्छी बातचीत हुई। हमने विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग की प्रगति की समीक्षा और सकारात्मक मूल्यांकन किया। यूक्रेन में संघर्ष को शीघ्र समाप्त करने के प्रयासों सहित अंतर्राष्ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया। भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी वैश्विक शांति और स्थिरता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रहेगी।
पिछले महीने भी हुई थी बात
बता दें कि पीएम मोदी और फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैंक्रों के बीच बीते महीने की 21 तारीख को भी फोन पर बात हुई थी। तब दोनों नेताओं के बीच यूक्रेन और पश्चिम एशिया क्षेत्र में संघर्षों के शांतिपूर्ण समाधान के लिए चल रहे प्रयासों पर विचारों का आदान-प्रदान किया गया था। साथ ही राष्ट्रपति मैक्रों ने वाशिंगटन में यूरोप, अमेरिका और यूक्रेन के नेताओं के बीच हाल ही में हुई बैठकों के बारे में भी विचार साझा किए थे। इस दौरान दोनों के बीच, व्यापार, रक्षा, असैन्य परमाणु सहयोग, प्रौद्योगिकी और ऊर्जा के क्षेत्रों समेत द्विपक्षीय सहयोग के एजेंडे में प्रगति की भी समीक्षा की गई थी। उन्होंने भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने और 2026 को उचित तरीके से 'नवाचार वर्ष' के रूप में चिह्नित करने की संयुक्त प्रतिबद्धता की फिर से पुष्टि की थी।
बता दें कि भारत और फ्रांस दोनों ही बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था के समर्थक हैं, और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संवाद और कूटनीति के माध्यम से समस्याओं के समाधान की वकालत करते हैं।
