बदायूं कोर्ट का राहुल गांधी और उदित राज को नोटिस, मायावती पर आपत्तिजनक टिप्पणी का मामला

बदायूं: यूपी के बदायूं में अपर जिला जज व विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट प्रथम पूनम सिंघल ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और कांग्रेस नेता उदित राज के खिलाफ नोटिस जारी किया है. दोनों नेताओं को 29 जनवरी को कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया है.
कांग्रेस के नेता व पूर्व सांसद उदित राज ने बसपा अध्यक्ष मायावती के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में अधिवक्ता जय सिंह सागर की ओर से दायर की गयी फौजदारी निगरानी याचिका की सुनवाई करते करते हुए अदालत ने यह आदेश दिया.
मायावती के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल: 17 फरवरी 2025 को कांग्रेस नेता डॉ. उदित राज ने बसपा अध्यक्ष मायावती की हत्या करने की बात भी कही थी. यह मामला सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के मोहल्ला नेकपुर निवासी जय सिंह सागर पुत्र स्वर्गीय नानकराम से जुड़ा है. उन्होंने अधिवक्ता के माध्यम से धारा 175(3) बीएनएसएस के तहत प्रार्थना पत्र पेश किया है.
याचिका में आरोप लगाया गया है कि 17 फरवरी 2025 को कांग्रेस नेता डॉ. उदित राज ने अपने ट्विटर (वर्तमान में X) अकाउंट से बसपा प्रमुख मायावती को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी और वीडियो पोस्ट किए थे. आरोप है कि इन पोस्ट में मायावती के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया गया था.
पोस्ट से नफरत फैलाने की कोशिश: याचिका में कहा गया कि इन पोस्ट के माध्यम से न केवल बसपा अध्यक्ष मायावती की छवि धूमिल करने का प्रयास किया गया, बल्कि सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ नफरत फैलाने और समर्थकों को उकसाने की कोशिश भी की गयी. याची के अनुसार, इस तरह की टिप्पणियों से मायावती के समर्थकों और अनुयायियों की भावनाएं आहत हुई हैं तथा समाज में तनाव की स्थिति उत्पन्न हुई.
फौजदारी निगरानी याचिका पर सुनवाई: अधिवक्ता जय सिंह सागर ने बताया कि एमपी-एमएलए कोर्ट ने इस घटना को दिल्ली की बताकर उसे खारिज कर दिया था. इसके बाद अधिवक्ता ने 25 अगस्त 2025 को जिला जज की अदालत में फौजदारी निगरानी याचिका दायर की थी. इस मामले को जिला जज ने अपर जिला जज व विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट कोर्ट को भेजा था.
राहुल गांधी-उदित राज को 29 जनवरी को पक्ष रखना है: इस मामले में सुनवाई चल रही थी. इस मामले में अपर जिला जज व विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट प्रथम पूनम सिंघल ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और उदित राज को नोटिस जारी किया है. नोटिस में कहा गया है कि 29 जनवरी को अपना पक्ष रखने को या तो वह स्वयं या अधिवक्ता उपस्थित रहें.
