पीएम के पूर्णिया दौरे पर कांग्रेस-RJD ने उठाए सवाल, विपक्ष ने अडाणी और वोट चोरी से कनेक्शन क्यों जोड़ा?

नई दिल्ली बिहार में विधानसभा चुनाव में अब कुछ ही दिन बचे हैं। चुनाव तारीखों की घोषणा से पहले बिहार में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो चली है। इन सभी के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को बिहार के पूर्णिया पहुंचे। पीएम मोदी पूर्णिया से बिहार को 40 हजार करोड़ की योजनाओं की सौगात दी। वह पूर्णिया एयरपोर्ट का शुभारंभ किया और चार ट्रेनों को हरी झंडी भी दिखाई। साथ ही पूर्णिया एयरपोर्ट से पहली वाणिज्यिक उड़ान की शुरुआत भी करेंगे। पीएम अपने सीमांचल दौरे से क्षेत्र के वोटरों को साधने की कोशिश भी की। यही कारण है कि पीएम मोदी के इसे दौरे पर सत्ता पक्ष से ज्यादा विपक्ष की नजर है। प्रधानमंत्री के इस दौरे को लेकर कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दलों ने हमला बोला है।
राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने तंज कसा है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि आज बिहार में जुमला दिवस है। जुमला दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। उन्होंने कहा कि आज फिर से बिहार में जुमलों की बारिश होगी। जनता से झूठे वादे किए जाएंगे। कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने प्रेस कांफ्रेंस कर पीएम के इस दौरे पर निशाना साधा है। खेड़ा ने कहा कि बिहार में वोट चोरी का बंदोबस्त तो बैठाया जा रहा है, लेकिन अगर वोट चोरी से काम ना चले तो जाते-जाते गौतम अडानी को सारी चीजें सौंप रहे हैं।
कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने आरोप लगाते हुए कहा, बिहार में भागलपुर के पीरपैंती में 10 लाख पेड़, 1,050 एकड़ जमीन राष्ट्र सेठ गौतम अडानी को पावर प्लांट लगाने के लिए 1 रुपए प्रतिवर्ष पर 33 साल के लिए दे दी गई। जब आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिहार जा रहे हैं, तब वहां के ग्रामीणों को नजरबंद कर दिया गया, ताकि वह धरना न दे सकें। प्रधानमंत्री मोदी अपने दोस्त के लिये क्या-क्या लुटा रहे है। बिहार के भागलपुर में 10 लाख पेड, 1050 एकड़ जमीन को 1 रुपये सालाना के हिसाब से 33 साल के लिये गौतम अडानी को सौंप दी गई है। वहीं, बिहार में पावर प्रोजेक्ट भी अडानी को सौंप दिया।
खेड़ा का आरोप है कि,बिहार में वोट चोरी का बंदोबस्त तो बैठाया जा रहा है, लेकिन अगर वोट चोरी से काम ना चले तो जाते-जाते गौतम अडानी को सारी चीजें सौंप रहे है। सारी खुदाई एक तरफ और गौतम भाई एक तरफ। ये हो रहा है बिहार में। पेंसिल से, ज़बरदस्ती से साइन करवाएंगे। फिर उसके बाद पेन से चीजें बदल दी गई। बिहार के लोगों को 6.75 रुपये में बिजली दी जा रही है। जमीन उनकी, कोयला उनका। उसके बावजूद बिहार के लोगों को लूटा जा रहा है। पीएम नरेंद्र मोदी अपने दोस्त के लिए बिहार को कुछ इसी तरह से लूट रहे हैं और यही सब करके बिहार को बीमारू राज्य बना दिया गया। बिहार से सरकार जमीन छीन रही है, कोयला ले रही है, पेड़ काट रही है और उन्हीं लोगों को 6.75 रुपए में बिजली बेच रही है। आखिर ये कहां का न्याय है?
