किश्तवाड़ मुठभेड़ में सेना के आठ जवान घायल, तीन जैश आतंकी घिरे, फायरिंग और ग्रेनेड हमले

किश्तवाड़ |जम्मू-कश्मीर स्थित किश्तवाड़ जिले के ऊंचाई वाले इलाके में स्थित एक सुदूर वन क्षेत्र में रविवार को पाकिस्तानी आतंकियों से भीषण मुठभेड़ में पांच जवान घायल हो गए। सुरक्षाबलों ने जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े दो से तीन आतंकवादी को घेर रखा है। आतंकवादियों को मार गिराने और घेराबंदी को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त बल भेजे गए हैं। हेलिकॉप्टर को भी सर्च ऑपरेशन में लगाया गया है।
पांच जवान घायल
जानकारी के अनुसार रविवार सुबह करीब सवा 11 बजे जंगल में चल रहे तलाशी एवं घेराबंदी अभियान के दौरान सोननाड़-सिंहपोरा, छात्रू में घात लगाए बैठे दो से तीन विदेशी आतंकवादियों के एक समूह से हो गया। सूत्रों का कहना है कि ये आतंकी पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) से संबंधित हैं। इन आतंकवादियों ने अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। सुरक्षाबलों की घेराबंदी तोड़ने के लिए ग्रेनेड भी फेंके। सुरक्षाबलों ने फौरन जवाबी कार्रवाई शुरू की। सूत्रों के अनुसार मुठभेड़ में पांच जवान घायल हुए हैं। इनमें से ग्रेनेड हमले में एक जवान गंभीर रूप से घायल है। हालांकि घायलों को लेकर आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
पूरे इलाके को घेरकर संयुक्त ऑपरेशन चलाया जा रहा
आतंकियों को मार गिराने के अभियान में सेना, सीआरपीएफ, जम्मू-कश्मीर पुलिस, एसओजी की टीमें शामिल हैं। मुठभेड़ स्थल पर बीच-बीच में दोनों तरफ से गोलीबारी जारी है। पूरे इलाके को घेरकर संयुक्त ऑपरेशन चलाया जा रहा है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त सुरक्षाबल को मौके पर भेजने के साथ ही हेलिकॉप्टर को भी सर्च ऑपरेशन में लगाया गया है।
व्हाइट नाइट कोर ने ऑपरेशन त्राशी नाम दिया
जम्मू स्थित व्हाइट नाइट कोर ने इसे ऑपरेशन त्राशी नाम दिया है। व्हाइट नाइट कोर ने कहा है कि दुर्गम भूभाग और परिस्थितियों में भी गोलीबारी का जवाब देते हुए सैनिकों ने असाधारण व्यावसायिकता और दृढ़ संकल्प का प्रदर्शन किया है। नागरिक प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के साथ बेहतर समन्वय के साथ घेराबंदी को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त बलों को तैनात किया गया है।
लाउडस्पीकर से अनाउंस कर लोगों को घरों में ही रहने की दी हिदायत
सुरक्षा कारणों से सिंहपोरा इलाके में बाजार तक लाउडस्पीकर के माध्यम से लोगों को घरों में रहने की हिदायत दी गई है। क्षेत्र में जगह-जगह वाहनों और आम नागरिकों की सघन तलाशी ली जा रही है। तलाशी के बाद ही किसी वाहन को आगे बढ़ने की अनुमति दी जा रही है।
इलाके में लगातार आतंकी गतिविधियां देखने को मिल रहीं
गौरतलब है कि यह इलाका बीते दो-तीन वर्षों से लगातार आतंकी गतिविधियों की वजह से सुर्खियों में रहा है। यहां अक्सर आतंकियों की मौजूदगी की सूचनाएं मिलती रहती हैं। गणतंत्र दिवस से पहले शांतिपूर्ण समारोह सुनिश्चित करने के लिए अभियान और तेज कर दिए गए हैं। खुफिया जानकारी मिली है कि पाकिस्तान स्थित हैंडलर और अधिक आतंकवादियों को भेजने की कोशिश कर रहे हैं।
इस साल तीसरी मुठभेड़
जम्मू संभाग में इस साल सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच यह तीसरी मुठभेड़ है। इससे पहले 7 और 13 जनवरी को कठुआ जिले के बिलावर क्षेत्र के कहोग और नजोते के जंगलों में दो मुठभेड़ें हुई थीं। इससे पहले 15 दिसंबर को उधमपुर जिले के माजलता क्षेत्र में आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में एक पुलिस अधिकारी बलिदान हो गए थे। घने जंगल और अंधेरे का फायदा उठाकर आतंकवादी भाग निकले थे। अधिकारियों ने बताया कि ये मुठभेड़ें पिछले साल दिसंबर में जम्मू क्षेत्र के वन क्षेत्रों में चलाए गए एक बड़े आतंकवाद विरोधी अभियान के बाद हुईं जिसमें लगभग तीन दर्जन छिपे हुए आतंकवादियों को खदेड़ दिया गया था।
