ट्रंप की टिप्पणी और फ्रांसीसी राष्ट्रपति के दौरे पर विदेश मंत्रालय का बयान

नई दिल्ली विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों जल्द ही भारत का दौरा करेंगे। इस दौरान वे द्विपक्षीय वार्ता करेंगे और दिल्ली में आयोजित एआई समिट 2026 में भी हिस्सा लेंगे। उन्होंने कहा भारत और फ्रांस के बीच रणनीतिक संबंध मजबूत हैं। हमें विश्वास है कि राष्ट्रपति मैक्रों का यह दौरा दोनों देशों के बीच संबंधों को और मजबूत करेगा, विशेषकर रक्षा क्षेत्र में सहयोग को नई दिशा देने में मदद करेगा।

ट्रंप के पीएम मोदी पर बयान

रणधीर जायसवाल ने कहा कि उन्होंने ट्रंप के कथित वीडियो 'मैं उनका पॉलिटिकल करियर बर्बाद नहीं करना चाहता' को नहीं देखा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि ऐसा कोई वीडियो मौजूद है, चाहे वह सच हो या झूठ, हम इस पर उचित कार्रवाई करेंगे।साथ ही, उन्होंने हरदीप सिंह पुरी के बयान पर भी कहा कि इस मामले में लिखित और मौखिक दोनों तरह के स्पष्टीकरण पहले ही प्रदान किए जा चुके हैं।

भारत-रूस व्यापार और सहयोग

भारत और रूस के द्विपक्षीय संबंधों पर बात करते हुए रणधीर जायसवाल ने कहा भारत और रूस के बीच व्यापार, लोगों के बीच संपर्क, सांस्कृतिक आदान-प्रदान, रक्षा सहयोग और अन्य क्षेत्रों में लगातार सहयोग और बातचीत चल रही है। ये सभी पहलू हमारे द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत बना रहे हैं।

बोर्ड ऑफ पीस में शामिल होने पर क्या बोलें?

अमेरिका के बॉर्ड ऑफ पीस (Board of Peace) में भारत को शामिल करने के निमंत्रण पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बताया कि अमेरिका की ओर से यह प्रस्ताव मिला है और इसे फिलहाल भारत द्वारा गंभीरता से देखा जा रहा है। रणधीर जायसवाल ने कहा कि जैसा कि आप जानते हैं, भारत ने हमेशा पश्चिम एशिया में शांति, स्थिरता और संवाद को बढ़ावा देने वाले प्रयासों का समर्थन किया है। हमारे प्रधानमंत्री ने इस पहल का स्वागत किया है, जो क्षेत्र में, विशेषकर गाजा में दीर्घकालिक और टिकाऊ शांति की दिशा में एक मार्ग प्रदान करती है। विदेश मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत इस प्रस्ताव का सावधानीपूर्वक मूल्यांकन कर रहा है और क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा हितों को ध्यान में रखते हुए अपनी भूमिका पर निर्णय लिया जाएगा।

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