अगर संसद में चर्चा नहीं हुई तो विपक्ष को होगा नुकसान, रिजिजू ने कांग्रेस पर साधा करारा हमला

नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने सोमवार को कहा कि अगर संसद में चर्चा नहीं होती है, तो यह विपक्ष के लिए नुकसान होगा। उन्होंने कहा कि सरकार के पास बहुमत है और वह सदन में कुछ भी (विधेयक) पारित करने में सक्षम है। लेकिन सरकार चाहती है कि सबकुछ चर्चा के बाद पारित हो।
'विपक्षी सांसदों ने किया संसदीय संस्था का अपमान'
संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि विपक्ष लोकसभा अध्यक्ष (स्पीकर) ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव ला सकता है। लेकिन उनके पास इतनी संख्या (सांसद सदस्य) नहीं है कि स्पीकर को हटाया जा सके। रिजिजू ने आरोप लगाया कि विपक्ष ने स्पीकर और अधिकारियों की मेज पर चढ़कर, उनके कमरे में घुसकर संसदीय संस्था का अपमान किया।
संसद परिसर में पत्रकारों से बातचीत में मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार स्पीकर से सख्त कार्रवाई की मांग कर सकती थी। लेकिन आठ विपक्षी सांसदों को निलंबित करने के उनके फैसले पर उसे (सरकार) कोई आपत्ति नहीं थी।
कांग्रेस की शर्तों पर रिजिजू ने क्या कहा?
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार संसद चलाना चाहती है। सरकार विपक्ष से बातचीत के लिए तैयार है।
उन्होंने बताया कि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने स्पीकर से मिलने के लिए कुछ शर्तें रखी हैं, जिसमें सांसदों के निलंबन को वापस लेने की मांग भी शामिल है।
उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस नेता केवल बोलते रहें, आरोप लगाते रहें और हंगामा करते रहें, तो यह विपक्ष के लिए नुकसानदेह होगा।
रिजिजू स्पष्ट किया कि सरकार केवल कांग्रेस को ही नहीं, बल्कि सभी सांसदों को बोलने का मौका देगी।
मंत्री ने कहा कि सरकार वित्तीय बजट सहित सभी मुद्दों को पारित करवा देगी, जैसा कि राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पारित हुआ।
'राहुल गांधी को क्यों मिले अलग से बोलने का मौका?'
उन्होंने कहा कि संसद में बहस जरूरी है और सभी छोटे या बड़े दलों को बोलने का मौका मिलना चाहिए। रिजिजू ने कहा कि कांग्रेस नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल स्पीकर से मिला था। उन्होंने मांग की थी कि राहुल गांधी को दो मिनट अलग से बोलने का मौका मिले। सरकार ने कहा कि बजट पर बहस के दौरान किसी को अलग से बोलने का मौका क्यों दिया जाए। रिजिजू ने कहा कि अगर संसद सही ढंग से चलनी है, तो सभी सांसदों को बोलने का मौका देना होगा। स्पीकर ने इस बात को मान लिया है।
