गांधीनगर में शिवाजी महाराज की प्रतिमा का लोकार्पण, शाह ने कहा – मोदी ने पूरा किया संकल्प

गांधीनगर में शिवाजी महाराज की प्रतिमा का लोकार्पण, शाह ने कहा – मोदी ने पूरा किया संकल्प
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गांधीनगर |केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को गांधीनगर में छत्रपति शिवाजी महाराज की लगभग 21 फुट ऊंची मूर्ति का अनावरण किया। उन्होंने कहा कि यह प्रतिमा आने वाली पीढ़ियों और युवाओं को हमेशा प्रेरित करेगी। शाह ने एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अयोध्या में राम मंदिर बनवाकर शिवाजी महाराज का सपना पूरा किया है। शिवाजी महाराज का संदेश था कि मंदिरों को तोड़कर सनातन धर्म को खत्म नहीं किया जा सकता। अगर कोई ताकत मंदिर तोड़ती है, तो हम उसे फिर बनाएंगे और देश को 'स्वराज' मिलेगा।

शाह ने बताया कि मुगल साम्राज्य ने शिवाजी महाराज के इरादों को तोड़ने की बहुत कोशिश की, लेकिन वह कभी नहीं झुके। मथुरा में मंदिरों को तोड़ने का मकसद लोगों के विरोध की भावना को खत्म करना था। इसके उलट, शिवाजी महाराज ने दक्षिण में मंदिरों की रक्षा की और सप्तकोटेश्वर जैसे पवित्र स्थलों का पुनर्निर्माण कराया।

गृह मंत्री ने शिवाजी महाराज को भारत की पहली शक्तिशाली नौसेना का संस्थापक बताया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने भारतीय नौसेना के झंडे से गुलामी के निशान हटा दिए हैं। अब नौसेना के झंडे पर औपनिवेशिक निशान की जगह शिवाजी महाराज की शाही मुहर लगी है।

शाह ने शिवाजी महाराज के राज्याभिषेक को याद करते हुए कहा कि कवि भट्ट का भारत को दुनिया के सामने चमकते देखने का सपना आज सच हो रहा है। उन्होंने गुजराती कवि झवेरचंद मेघाणी का भी जिक्र किया, जिन्होंने बच्चों में देशभक्ति जगाने के लिए शिवाजी पर कविताएं लिखीं। आज भी माता-पिता अपने बच्चों को शिवाजी की कहानियां सुनाते हैं ताकि वे देश सेवा के लिए तैयार हों।

शिवाजी महाराज ने प्रशासन में फारसी और उर्दू शब्दों की जगह मराठी और संस्कृत को बढ़ावा दिया। उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी 'स्वराज, स्वधर्म और स्वभाषा' के लिए समर्पित कर दी। उनकी मौत के सौ साल बाद भी उनकी विरासत पूरे भारत में फैली हुई है। शाह ने कहा कि आज भारत उन्हीं के मूल्यों पर चलकर दुनिया में अपनी शानदार छवि बना रहा है और देश हमेशा उनके दिखाए रास्ते पर आगे बढ़ता रहेगा।

इसके साथ ही केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने गांधीनगर में ‘सहकार से समृद्धि’ बैठक को भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि देश की खाद्य सुरक्षा के लिए अनाज भंडारण क्षमता को तीन गुना बढ़ाना जरूरी है। इसमें सहकारिता क्षेत्र का योगदान कम से कम दो गुना होना चाहिए। शाह ने इस दौरान ₹265 करोड़ की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया।

शाह ने बताया कि अभी देश का 70 प्रतिशत अनाज पंजाब और हरियाणा से आता है। अगर स्थानीय स्तर पर भंडारण और वितरण हो, तो परिवहन खर्च में 30-40 प्रतिशत की बचत होगी। उन्होंने राज्यों से बंद चीनी मिलों को फिर शुरू करने के लिए नीति बनाने को कहा। अब नई तकनीक से एक चीनी मिल से खाद और गैस जैसे 11 तरह के उत्पाद बन सकेंगे।

शाह ने सुझाव दिया कि सभी सहकारी संस्थाओं के खाते जिला सहकारी बैंकों में होने चाहिए। इससे सरकारी योजनाओं का पैसा सीधे किसानों और बुजुर्गों तक पहुंचेगा। उन्होंने बढ़ई और प्लंबर जैसे श्रमिकों के लिए भी सहकारी मॉडल बनाने की बात कही। साथ ही, 'भारत टैक्सी' सेवा को हर नगर निगम तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा, जिससे अब तक तीन लाख चालक जुड़ चुके हैं।

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