शराब घोटाले में मिली राहत के बाद केजरीवाल 'एक्शन मोड' में, जंतर-मंतर पर भरी हुंकार

नई दिल्ली | शराब घोटाले के आरोपों से मुक्त होने के बाद आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। रविवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए केजरीवाल ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखे हमले किए। उन्होंने इस फैसले को सच्चाई की जीत बताते हुए कहा कि अदालत ने भाजपा के 'झूठ' पर करारा तमाचा मारा है।
'मोदी जी, विकसित भारत बाद में बनाना, पहले रहने लायक तो बना दीजिए'
जनसभा में केजरीवाल ने देश की वर्तमान स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा, "देश में डर का माहौल है, इसके बावजूद जज साहब ने जो साहसिक फैसला सुनाया, उसके लिए मैं उनका शुक्रिया अदा करता हूं। जज साहब ने साफ कर दिया कि आम आदमी पार्टी बेईमान नहीं, बल्कि कट्टर ईमानदार है।" उन्होंने आगे कहा कि जनता ने बड़ी उम्मीदों से मोदी सरकार बनाई थी, लेकिन हालात सुधरने के बजाय और बिगड़ गए हैं। पेपर लीक और भ्रष्टाचार के मुद्दों पर घेरते हुए उन्होंने तंज कसा कि एक तरफ देश के युवाओं का भविष्य बर्बाद हो रहा है और दूसरी तरफ 'परीक्षा पर चर्चा' की नौटंकी की जा रही है।
आईआईटी का जिक्र कर भावुक हुए केजरीवाल
अपने छात्र जीवन को याद करते हुए केजरीवाल ने कहा, "मैं पढ़ाई में अच्छा था, आईआईटी में अच्छे नंबर आए थे। चाहता तो दोस्तों की तरह अमेरिका जा सकता था, लेकिन देश की सेवा के लिए यहीं रुक गया। मुझे समझ नहीं आता कि प्रधानमंत्री मुझसे इतनी नफरत क्यों करते हैं?" उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि 10 साल की जांच में उनके खिलाफ एक पैसे के भ्रष्टाचार का सबूत नहीं मिला। अगर कोई वेंडर या ठेकेदार यह कह दे कि केजरीवाल ने पैसे मांगे, तो वे राजनीति छोड़ देंगे।
आतिशी ने साधा निशाना: 'तानाशाही के खिलाफ उठानी होगी आवाज'
विपक्ष की नेता आतिशी ने भी भाजपा पर षड्यंत्र रचने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बिना किसी सबूत के केजरीवाल को जेल में डाला गया और दिल्ली की जनता को प्रताड़ित किया गया। आतिशी ने 10,000 बस मार्शलों को नौकरी से निकालने का मुद्दा उठाते हुए कहा कि अब समय आ गया है जब देश को मोदी और अमित शाह की तानाशाही के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठानी होगी।
