भस्म आरती में आस्था का सैलाब, महाकाल के त्रिनेत्र स्वरूप के दर्शन से भक्त हुए आनंदित

भस्म आरती में आस्था का सैलाब, महाकाल के त्रिनेत्र स्वरूप के दर्शन से भक्त हुए आनंदित
X

उज्जैन | फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि पर सोमवार तड़के विश्वप्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला। भस्म आरती के दौरान बाबा महाकाल के दरबार में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। भक्त देर रात से ही कतारों में लगकर अपने आराध्य के दर्शन की प्रतीक्षा करते रहे। तड़के 4 बजे मंदिर के पट खुलते ही पूरा परिसर “जय श्री महाकाल” के जयघोष से गुंजायमान हो उठा।

पंचामृत अभिषेक और दिव्य भस्म आरती

मंदिर के पुजारी पंडित महेश शर्मा ने बताया कि तड़के वीरभद्र जी से आज्ञा लेकर पट खोले गए। भगवान महाकाल का दूध, दही, घी, शक्कर, पंचामृत और फलों के रस से जलाभिषेक किया गया। पूजन के उपरांत बाबा का भांग, त्रिपुंड, चंद्रमा और बेलपत्र से आकर्षक श्रृंगार किया गया। महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से भस्म अर्पित की गई और झांझ-मंजीरे, ढोल-नगाड़ों के साथ भव्य भस्म आरती संपन्न हुई। मान्यता है कि भस्म अर्पण के बाद भगवान निराकार से साकार रूप में भक्तों को दर्शन देते हैं।

43 सदस्यीय अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल ने टेका मत्था

‘ग्लोबल साउथ यंग डिप्लोमेट फोरम’ के अंतर्गत 43 सदस्यीय अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल ने भी महाकाल के दर्शन किए। यह दल सुषमा स्वराज विदेश सेवा संस्थान (विदेश मंत्रालय, भारत सरकार) के तत्वावधान में भारत भ्रमण पर है। मंदिर प्रबंध समिति के इंजीनियर शिवाकांत पांडे ने डेलिगेशन का स्वागत किया और उन्हें मंदिर की ऐतिहासिक व आध्यात्मिक महत्ता से अवगत कराया।

श्री महाकालेश्वर मंदिर की आरती समय-सारणी

मंदिर प्रशासन के अनुसार फाल्गुन कृष्ण पक्ष प्रतिपदा तक आरती का क्रम निम्न प्रकार रहेगा:

भस्म आरती: प्रातः 4:00 से 6:00 बजे तक

दद्योतक आरती: प्रातः 7:30 से 8:15 बजे तक

भोग आरती: प्रातः 10:30 से 11:15 बजे तक

संध्याकालीन पूजन: सायं 5:00 से 5:45 बजे तक

संध्या आरती: सायं 6:30 से 7:15 बजे तक

शयन आरती: रात्रि 10:30 से 11:00 बजे तक

Next Story