भारतीय नौसेना के लिए जहाज बनाने वाली कंपनी MDL के 250 वर्ष पूरे

भारतीय नौसेना के लिए जहाज तैयार करने वाली कंपनी मझगांव शिपबिल्डर लिमिटेड (एमडीएल) की स्थापना के 250 वर्ष पूरे हो गए हैं। इस अवसर पर रक्षा सचिव गिरिधर अरमाने ने कहा कि एमडीएल भारत के मुकुट पर एक बेशकीमती रत्न की तरह है। उन्होंने कहा कि एमडीएल ने नौसेना के बेड़े की ताकत बढ़ाने और जहाजों को तैयार करने के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

250 साल पूरे होने पर जारी किया सिक्का

रक्षा सचिव अरमाने ने एमडीएल के 250 साल पूरे होने के उपलक्ष में एक सिक्का भी जारी किया। उन्होंने कहा कि एमडीएल देश का सबसे बड़ा शिपयार्ड (जहाजों को तैयार करने का स्थान) है, जहां भारतीय नौसेना के अधिकतर जहाजों को तैयार किया जाता है।

एमडीएल ने किया नई पनडुब्बी और सौर नाव का शुभारंभ

अपने 250 वर्ष पूरे होने पर एमडीएल ने पहली बार 'एरोवाना' पनडुब्बी को लोगों के बीच पेश किया। इसका उद्घाटन रक्षा सचिव अरमाने ने किया। बता दें कि कंपनी द्वारा 1984 से पनडुब्बियों का निर्माण किया जा रहा है। इस दौरान एक सौर विद्युत हाइब्रिड नाव का भी शुभारंभ किया गया। यह नाव 11 समुद्री मील की रफ्तार भर सकती है। इस नाव में बाकी नावों के मुकाबले बेहद कम डीजल का इस्तेमाल होगा। इसके अलावा इसके रख-रखाव का खर्च भी बहुत कम है।

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