ट्रेड डील और लेबर कोड पर विपक्ष का हंगामा, सरकार पर अमीरों के हित साधने का आरोप

नई दिल्ली । संसद में गुरुवार को एक बार फिर से सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के हालिया बयान, कथित ट्रेड डील, नए लेबर कोड और विशेषाधिकार प्रस्ताव को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी दलों के नेताओं ने सरकार की नीतियों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। सपा सांसद डिंपल यादव ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा, “हम लगातार कह रहे हैं कि इस ट्रेड डील के तहत कृषि उत्पाद शून्य आयात शुल्क के साथ भारत आएंगे। यह हमारे किसानों और युवाओं के लिए बहुत घातक साबित हो सकता है। सरकार की नीतियां घरेलू कृषि बाजार को कमजोर कर सकती हैं।” संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू द्वारा राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन नोटिस दाखिल करने की खबरों पर डिंपल यादव ने कहा कि यह कदम लोगों का ध्यान असली मुद्दों से भटकाने की कोशिश है। उनके अनुसार, सरकार ट्रेड डील पर उठ रहे सवालों से बचना चाहती है।
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, “हमने किसी को अपशब्द नहीं कहा। कुछ सांसद नाराज थे और उन्होंने अपनी नाराजगी जाहिर की। यह कहना कि मैं उन्हें बढ़ावा दे रही थी, झूठ है। मैं चुपचाप बैठी थी और अंत में स्पीकर से शांतिपूर्वक बात की।”
कांग्रेस सांसद रंजीत रंजन ने राहुल गांधी के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि सरकार आलोचना स्वीकार करने के बजाय केवल जवाबी हमला करती है।
उन्होंने कहा, “जब उनकी गलतियां बताई जाती हैं तो वे सिर्फ बचाव करते हैं। आप 11 साल से सरकार में हैं और राहुल गांधी आपसे पूछ रहे हैं कि देश की खास सुरक्षा, हमारे किसान, हमारी ऊर्जा और देश का डेटा सुरक्षित है या नहीं। जिस तरह की आपकी डील है, उससे सुरक्षित नहीं लग रहा है।”
रंजन ने वित्त मंत्री के व्यवहार पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि गुस्से से देश नहीं चलता, बल्कि वाद-विवाद और चर्चा से लोकतंत्र मजबूत होता है।
कांग्रेस नेता राजीव शुक्ला ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि देश के निर्माण में पूर्व प्रधानमंत्रियों का योगदान रहा है। उन्होंने कहा, “पूर्व प्रधानमंत्री नेहरू, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी ने देश को बनाया है, बेचा नहीं। आज मोबाइल, कंप्यूटर और आईटी सेक्टर राजीव गांधी की देन है।”
विशेषाधिकार प्रस्ताव की चर्चाओं पर सांसद राजीव राय ने तंज कसते हुए कहा कि सत्ता पक्ष अपने नेताओं को सम्मानित करता है, लेकिन विपक्षी सांसदों के खिलाफ कार्रवाई की बात जल्दी उठ जाती है। उन्होंने नए लेबर कोड की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि सरकार उद्योगपतियों के हित में कानून बना रही है, जबकि किसानों, मजदूरों और बेरोजगारों की अनदेखी की जा रही है।
शिवसेना (यूबीटी) की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने भी ट्रेड डील को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा, “किसानों का अधिकार, छोटे व्यापारियों का अधिकार और कई अन्य मुद्दों पर इस डील में समझौता किया गया है, इसलिए विपक्ष हंगामा कर रहा है। जो विकसित भारत की बात करते हैं, वे देश को अविकसित दिशा में ले जा रहे हैं।”
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता राम गोपाल यादव ने नए लेबर कोड और विकसित भारत-जी राम जी योजना के खिलाफ ट्रेड यूनियनों द्वारा बुलाई गई देशव्यापी हड़ताल का समर्थन करते हुए कहा कि यह योजना आम लोगों के हितों के खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया, “बंधुआ मजदूर बनाने के लिए ये बिल लाए जा रहे हैं और सरकार लगातार आम जनता की आवाज दबाने का काम कर रही है।”
