फिलीस्तीन को बेसहारा छोड़ दिया गया: पीएम मोदी के इस्राइल दौरे पर कांग्रेस का तीखा प्रहार

नई दिल्ली। कांग्रेस ने मंगलवार को केंद्र की मोदी सरकार पर फिलीस्तीनियों को बेसहारा छोड़ने का गंभीर आरोप लगाया है। पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्राइल दौरे के समय पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब गाजा में निर्दोष नागरिकों पर हमले जारी हैं, ऐसे में पीएम का वहां जाना उनकी 'दिखावटी' नीति को दर्शाता है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सरकार के रुख को पाखंडपूर्ण करार देते हुए कहा कि भारत ने जिस फिलीस्तीन को 1988 में मान्यता दी थी, आज उसे अकेला छोड़ दिया गया है।
'दोस्त नेतन्याहू' को गले लगाने पर सवाल
जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट साझा करते हुए कहा कि वेस्ट बैंक में फिलीस्तीनियों के विस्थापन और गाजा में जारी सैन्य कार्रवाई की वैश्विक स्तर पर निंदा हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री अपने 'दोस्त' बेंजामिन नेतन्याहू से मिलने जा रहे हैं, जो भ्रष्टाचार के आरोपों और न्यायपालिका की आजादी को कमजोर करने जैसे विवादों में घिरे हैं। रमेश ने तंज कसते हुए इसे 'मोदानी कनेक्शन' से भी जोड़ा और कहा कि मोदी सरकार का फिलीस्तीन के प्रति समर्पण केवल कागजी रह गया है।
इस्राइली संसद में संबोधन पर भी विवाद
प्रधानमंत्री मोदी 25 फरवरी से दो दिवसीय इस्राइल दौरे पर रहेंगे, जहां वे वहां की संसद 'नेसट' को संबोधित करेंगे। हालांकि, यह दौरा वहां की आंतरिक राजनीति में भी फंस गया है। इस्राइल के विपक्षी दलों ने चेतावनी दी है कि यदि संवैधानिक प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया गया और सुप्रीम कोर्ट के प्रमुख को आमंत्रित नहीं किया गया, तो वे भारतीय प्रधानमंत्री के संबोधन का बहिष्कार करेंगे। अपनी यात्रा के दौरान पीएम मोदी राष्ट्रपति आइजैक हर्जोग और प्रधानमंत्री नेतन्याहू से द्विपक्षीय वार्ता करेंगे।
