खामेनेई पर हमले को लेकर सियासी बयानबाजी तेज, कई भारतीय नेताओं ने उठाए सवाल

नई दिल्ली ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या पर दुख जताया। असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि रमजान के पवित्र महीने में डोनाल्ड ट्रंप और बेंजामिन नेतन्याहू ने मिलकर ईरान पर हमला किया है। उन्होंने कहा कि हम ईरान पर हुए इस हमले की कड़ी निंदा करते हैं।
असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, 'अगर वे जिनेवा समझौते पर सहमत होते, तो ईरान के परमाणु भंडारों का इस्तेमाल नहीं होता। इस हमले में 200 से अधिक लोग मारे गए हैं। मैं अयातुल्ला खामेनेई की मृत्यु को अनैतिक और गैरकानूनी मानता हूं।' उन्होंने शिया समुदाय के प्रति संवेदना जताते हुए शांति की अपील की। उन्होंने इस युद्ध को समाप्त करने का आह्वान किया। ओवैसी ने कहा कि हमें उम्मीद है कि भाजपा सरकार अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की निंदा करेगी और इस युद्ध को समाप्त करने का आह्वान करेगी।
खामेनेई और निर्दोषों की हत्या घिनौना काम : प्रियंका गांधी
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की लक्षित हत्या की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि तथाकथित लोकतांत्रिक दुनिया के नेताओं द्वारा एक संप्रभु राष्ट्र के नेतृत्व की लक्षित हत्या और निर्दोष लोगों की हत्या घिनौनी है। इसकी कड़ी निंदा की जानी चाहिए।
कांग्रेस का आरोप, सरकार की विदेश नीति पर उठाए सवाल
प्रियंका गांधी वाड्रा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी तंज कसते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद है कि इस्राइल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने घुटने टेकने के बाद, प्रधानमंत्री प्रभावित देशों में फंसे सभी भारतीय नागरिकों को सुरक्षित घर वापस लाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।
'आंख के बदले आंख' की नीति पर महात्मा गांधी का स्मरण
एक्स पर एक पोस्ट में प्रियंका गांधी ने कहा कि यह दुखद है कि कई राष्ट्र अब संघर्ष में घसीटे जा चुके हैं। प्रियंका गांधी ने जोर देकर कहा कि दुनिया को शांति की आवश्यकता है, न कि और अधिक अनावश्यक युद्धों की। उन्होंने कहा, 'जिम्मेदारों को महात्मा गांधी के शब्दों को याद रखना चाहिए: आंख के बदले आंख पूरी दुनिया को अंधा बना देगी।'
