राहुल गांधी पर किरेन रिजिजू की टिप्पणी से भड़के सचिन पायलट, बोले- बयान वापस लेकर माफी मांगें

मुंबई- कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने गुरुवार को केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू पर राहुल गांधी के खिलाफ टिप्पणी को लेकर निशाना साधा। रिजिजू ने राहुल गांधी को देश की सुरक्षा के लिए सबसे खतरनाक व्यक्ति बताया था। इस पर पायलट ने कहा कि यह टिप्पणी अपमानजनक और अनुचित है। उन्होंने मुंबई में एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान यह बात कही। पायलट ने रिजिजू से अपने बयान को वापस लेने और इसके लिए माफी मांगने की मांग की है।
वहीं, राहुल गांधी को मिली जान से मारने की धमकी पर सचिन पायलट ने कहा कि जब आम पत्रकार सरकार की आलोचना करते हैं तो उन पर एफआईआर हो जाती है और जेल भेज दिया जाता है। लेकिन जब लोकसभा में विपक्ष के नेता को धमकी दी जाती है तो चुप्पी साध ली जाती है। यह सरकार की नीयत को दिखाता है।
रिजिजू अपना बयान वापस लें और माफी मांगें
सचिन पायलट ने कहा, "विपक्ष का नेता एक संवैधानिक पद है। उन्हें सुरक्षा के लिए खतरा बताना बहुत ही गलत और अपमानजनक है। खुलेआम धमकियां दी जा रही हैं, फिर भी सरकार कोई कार्रवाई नहीं कर रही है।" उन्होंने आगे कहा कि रिजिजू को अपना बयान वापस लेना चाहिए और माफी मांगनी चाहिए। पायलट ने यह भी कहा कि सरकार से सवाल पूछना और जवाबदेही तय करना विपक्ष के नेता का काम है।
इंडिया गठबंधन के नेतृत्व पर भी बोले
इंडिया गठबंधन में नेतृत्व बदलने की मांग पर पायलट ने कहा कि यह गठबंधन का आंतरिक मामला है। उन्होंने कहा कि पिछले लोकसभा चुनाव में गठबंधन ने बहुत अच्छा काम किया था। इंडिया गठबंधन और एनडीए के बीच सीटों का अंतर बहुत ज्यादा नहीं था। हम सब मिलकर मजबूती से काम कर रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे।
अन्य मुद्दों पर भी रखी अपनी बात
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के प्लेन क्रैश मामले पर पायलट ने कहा कि इस पर अटकलें नहीं लगानी चाहिए। इसकी पारदर्शी और समय पर जांच होनी चाहिए। अगर कोई संदेह है, तो एक उच्च स्तरीय जांच से तथ्यों को साफ करना चाहिए। अवैध प्रवासियों के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि भारत में अवैध रूप से रहने वाले किसी भी व्यक्ति को हटाया जाना चाहिए, चाहे उसका धर्म या जाति कुछ भी हो। लेकिन इस मुद्दे पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।
पायलट ने सरकार की नीतियों को किसान विरोधी बताया और कहा कि सरकार में कोई जवाबदेही नहीं है। उन्होंने कहा कि विपक्ष सरकार से सवाल पूछता रहेगा और किसानों और देश की जनता के साथ खड़ा रहेगा। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) पर उन्होंने कहा कि भारत एक बड़ी आईटी शक्ति है और हमें अपनी ताकत का सही इस्तेमाल करना चाहिए।
