सावरकर टिप्पणी मामला: राहुल गांधी को बड़ी राहत, नासिक कोर्ट ने मानहानि का केस किया बंद

नासिक। कांग्रेस नेता और लोकसभा सांसद राहुल गांधी को वीर सावरकर पर की गई टिप्पणी से जुड़े मानहानि मामले में बड़ी कानूनी राहत मिली है। नासिक की एक आपराधिक अदालत ने इस मामले की कार्यवाही को पूरी तरह बंद करने का आदेश दिया है। यह मामला 2022 में 'भारत जोड़ो यात्रा' के दौरान राहुल गांधी द्वारा दिए गए एक बयान को लेकर दर्ज किया गया था।
निर्भया फाउंडेशन के अध्यक्ष देवेंद्र भुटाडा ने राहुल गांधी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता का आरोप था कि गांधी ने 15 और 16 जून 2022 को हिंगोली और अकोला की रैलियों में सावरकर के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की थी, जिससे करोड़ों लोगों की भावनाएं आहत हुईं।
केस बंद होने की मुख्य वजह
अदालत ने सितंबर 2024 में राहुल गांधी को समन जारी किया था, जिसके बाद उन्हें जमानत मिली और वर्चुअल माध्यम से सुनवाई में शामिल होने की अनुमति दी गई। कोर्ट ने इस मामले में सीआरपीसी की धारा 202 के तहत पुलिस जांच के भी आदेश दिए थे। हालांकि, पुलिस की जांच रिपोर्ट जमा होने के बाद शिकायतकर्ता देवेंद्र भुटाडा ने स्वयं केस वापस लेने की मांग की। ट्रायल जज ने इस मांग को स्वीकार करते हुए मानहानि की प्रक्रिया को समाप्त कर दिया।
क्या था पूरा विवाद?
यह विवाद नवंबर 2022 का है जब राहुल गांधी महाराष्ट्र में 'भारत जोड़ो यात्रा' पर थे। 17 नवंबर 2022 को अकोला में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कुछ ऐतिहासिक दस्तावेजों का हवाला देते हुए कहा था कि वीर सावरकर ने अंग्रेजों को माफीनामा लिखा था और वे ब्रिटिश सरकार से पेंशन लेते थे। इस बयान के बाद भाजपा और सावरकर प्रेमियों ने कड़ा विरोध जताया था, जिसके परिणामस्वरूप नासिक में यह मुकदमा दर्ज हुआ था।
इस अदालती फैसले के साथ ही अब राहुल गांधी पर इस विशिष्ट मामले में कोई कानूनी कार्रवाई नहीं होगी।
