नफरती वीडियो वायरल होने से मचा हड़कंप,इस्लाम कबूल न करने पर गर्दन काटी जाएगी पुलिस की भूमिका पर सवाल, आईजी ने दिए जांच के आदेश


बहराइच। एक ओर जहाँ जिला प्रशासन त्योहारों को शांतिपूर्ण संपन्न कराने के लिए पीस कमेटी की बैठकें कर रहा है, वहीं दूसरी ओर रुपईडीहा इलाके में कट्टरपंथी विचारधारा का जहर घोलने वाला एक वीडियो वायरल होने से माहौल गरमा गया है। वीडियो में युवक खुलेआम गला काटने की धमकी देते नजर आ रहे हैं। इस गंभीर मामले में स्थानीय पुलिस द्वारा आरोपियों को छोड़ देने के आरोपों ने खाकी की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

'गर्दन काट दी जाएगी'— वीडियो में दी गई सीधी धमकी

वायरल वीडियो में तीन युवक एक साथ खड़े दिखाई दे रहे हैं। इनमें से टोपी पहने एक युवक कैमरे के सामने सीधे तौर पर भड़काऊ भाषा का इस्तेमाल कर रहा है। युवक को कहते सुना जा सकता है— “पत्थर में रहना है तो पत्थर बनना सीखो, धर्म को बचाना है तो कट्टर बनना सीखो। वरना कुछ दिनों में घरों में चिट्ठी बांटी जाएगी, कर लो इस्लाम कबूल वरना सबकी गर्दने काटी जाएंगी।” इसके बाद अन्य युवक विवादित नारे लगाते दिख रहे हैं। बताया जा रहा है कि वीडियो बाबागंज इलाके का है।

पुलिस की चुप्पी और 'सेटिंग' की चर्चा तेज

हैरानी की बात यह है कि इन युवकों को बाबागंज चौकी पुलिस द्वारा पकड़ा भी गया था, लेकिन बिना किसी ठोस कार्रवाई के उन्हें छोड़ दिया गया। इलाके में यह बात चर्चा का विषय बनी हुई है कि आखिर इतने गंभीर और भड़काऊ मामले को पुलिस ने दबाने की कोशिश क्यों की? क्या इसके पीछे कोई दबाव था या कोई अन्य कारण, यह अब जांच का विषय है।

आईजी सख्त, लापरवाही बरतने वालों पर गिरेगी गाज

मामला जब देवीपाटन मंडल के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) अमित पाठक के संज्ञान में आया, तो उन्होंने इसे बेहद गंभीरता से लिया। आईजी के निर्देश पर तत्काल जांच शुरू कर दी गई है। अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) डीपी तिवारी ने कहा कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अब तक आरोपियों पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई, इस बात की भी गहन जांच की जा रही है और दोषी पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई हो सकती है।

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