गांधीनगर में मियादी बुखार फैलाव, अमित शाह ने राहत और नियंत्रण के लिए दिशा-निर्देश जारी किए

नई दिल्ली |केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुजरात के गांधीनगर में संदिग्ध टाइफॉयड के मामलों के सामने आने के बाद प्रशासन को युद्ध स्तर पर काम करने के निर्देश दिए हैं।राज्य सरकार की ओर से जारी बयान के अनुसार, शहर के सेक्टर-24, सेक्टर-28 और आदिवाड़ा इलाके में पानी की पाइपलाइन में लीकेज के कारण पानी से फैलने वाली बीमारी टाइफॉयड के करीब 100 संदिग्ध मामले सामने आए हैं। शाह ने पाइपलाइन की तत्काल मरम्मत का आदेश दिया है।
गांधीनगर में अब तक 113 टाइफाइड के मामले
बता दें कि राज्य की राजधानी में अब तक टाइफाइड के 113 संदिग्ध मामले सामने आए हैं। इनमें से 19 मरीजों को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई है, जबकि 94 मरीजों का इलाज वर्तमान में गांधीनगर सिविल अस्पताल के साथ-साथ सेक्टर 24 और 29 के स्वास्थ्य केंद्रों में चल रहा है, उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
प्रभावित क्षेत्रों में चौबीसों घंटे ओपीडी की व्यवस्था
इसमें कहा गया है कि प्रभावित क्षेत्रों में चौबीसों घंटे चलने वाली ओपीडी (आउट पेशेंट विभाग) शुरू कर दी गई हैं। साथ ही सिविल अस्पताल में इलाज करा रहे मरीजों के परिजनों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई है। विज्ञप्ति के अनुसार शाह, उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी, जिला कलेक्टर और नगर आयुक्त के साथ लगातार संपर्क में हैं ताकि मौजूदा स्थिति के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकें।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को कड़े निर्देश
विज्ञप्ति में कहा गया है कि रविवार को शाह ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ टेलीफोन पर चर्चा की और उनसे यह सुनिश्चित करने को कहा कि टाइफाइड से प्रभावित बच्चों और नागरिकों को शीघ्र और सटीक उपचार मिले।
उन्होंने अधिकारियों को गांधीनगर सिविल अस्पताल में प्रभावित मरीजों और उनके परिजनों को भोजन उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया। इसके अलावा, उन्होंने प्रभावित और आसपास के क्षेत्रों में पाइपलाइन में रिसाव की तत्काल मरम्मत और गहन निरीक्षण का आदेश दिया ताकि बीमारी को और फैलने से रोका जा सके।
नगर निगम टीमों ने किया सर्वेक्षण
संदिग्ध टाइफाइड के मामलों को देखते हुए गांधीनगर शहर में 75 स्वास्थ्य टीमों द्वारा गहन स्वास्थ्य प्रबंधन और सर्वेक्षण कार्य किया गया है। गांधीनगर नगर निगम की सर्वेक्षण टीमों ने अब तक 20,800 से अधिक घरों का निरीक्षण किया है और 90,000 से अधिक लोगों को कवर किया है। एहतियाती उपाय के तौर पर 30,000 क्लोरीन टैबलेट और 20,600 ओआरएस पैकेट वितरित किए गए हैं।
सर्वेक्षण दल घर-घर जाकर लोगों से संपर्क कर जागरूकता पत्रक वितरित कर रहे हैं और उनसे पानी उबालने, बाहर का खाना न खाने और अपने हाथों को साफ रखने का आग्रह कर रहे हैं।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि बीमारी के प्रसार को नियंत्रित करने के लिए पानी के 'सुपर क्लोरीनीकरण' की प्रक्रिया को तेज कर दिया गया है और पीने के पानी में क्लोरीनीकरण की मात्रा की भी जांच की जा रही है। वहीं बीमारी से प्रभावित क्षेत्रों में पाइपलाइन में पाई गई कुछ लीकेज की भी तत्काल मरम्मत कर दी गई है।
