ग्वालियर से अगवा कारोबारी का बेटा मुरैना में सकुशल मिला, अपहरणकर्ता नहीं लगे हाथ

शक्कर कारोबारी के छह साल के बच्चे का ग्वालियर से सुबह अपहरण हो गया। रात 10 बजे बच्चा मुरैना के काजी बसई गांव के खेत में एक कमरे में ग्रामीणों को रोता मिला। बदमाशों ने अपहरण क्यों किया, इसका खुलासा नहीं हो सका। फिलहाल अपहरणकर्ता हाथ नहीं आए हैं। रात 12 बजे बच्चा घर पहुंचा तो परिवार को चैन मिला। मुरार स्थित सीपी कॉलोनी निवासी शक्कर कारोबारी राहुल गुप्ता के बेटे शिवाय गुप्ता का गुरुवार सुबह करीब 8 बजे बाइक सवार बदमाशों ने अपहरण कर लिया। बच्चे की मां उसे स्कूल के लिए बस में बैठाने जा रही थी।

घर से डेढ़ सौ फीट की दूरी पर बाइक सवार बदमाश ने मां की आंखों में मिर्ची झोंककर बेटे को उठाकर बाइक से फरार हो गए। पुलिस ने तुरंत नाकेबंदी की पर बदमाश हाथ नहीं आए। सीसीटीवी फुटेज में दो अपहरणकर्ता बच्चे को लाल बाइक पर ले जाते हुए दिखे। इसके बाद उन पर 15-15 हजार रुपए का इनाम घोषित कर तलाश शुरू की। बदमाशों की लोकशन मुरैना की ओर मिली, इसके बाद पुलिस ने घेराबंदी कर दी। पुलिस का दावा है कि इसी से डरकर बदमाश शिवाय को मुरैना में माता बसैया थाना क्षेत्र के काजी बसई गांव के नजदीक खेत पर बने खाली कमरे में छोड़ गए। ग्रामीण खेतों से गाय भगाने गए तो बच्चा रोता हुआ मिला।

एक साल पहले साले के साथ भी हुई थी ऐसी ही घटना

कारोबारी राहुल गुप्ता के साले के बेटे के साथ भी मुरैना में एक साल पहले अपहरण की वारदात का प्रयास हो चुका है। घटना का कनेक्शन उसी से जोड़ा जा रहा है। मुरैना में 5 फरवरी 2024 को अरुण गोयल बेटे माधव (6) को कोचिंग से घर ले जा रहे थे। तभी बाइक से दो बदमाश आए और पिता की आंखों में मिर्ची झोंक दी। उनकी अचानक आंखें बंद हो गईं बालक को कंबल में लपेट लिया। बदमाश जैसे ही बाइक पर बैठने को हुआ, बच्चा कंबल से निकल गया।

सीएम कर रहे थे मॉनिटरिंग, अब की ग्वालियर पुलिस की तारीफ

घटना की मॉनिटरिंग भोपाल से सीधे सीएम डॉ. मोहन यादव कर रहे थे। उन्होंने आइजी, डीआईजी को निर्देश दिए थे कि सिर्फ ग्वालियर की ही नहीं, पूरे क्षेत्र की नाकाबंदी करें। अपहरणकर्ता ग्वालियर से आगे निकल चुके होंगे। इसके बाद ही पुलिस ने रणनीति को व्यापक किया और कहीं से मुरैना के आसपास बच्चे के होने की सूचना दी। बच्चे की लौटने की खुशी के बाद सीएम मोहन यादव ने ग्वालियर पुलिस की तारीफ भी की।

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