शाह के बयान पर विजयन का पलटवार: बोले- भाजपा-RSS से केरल को खतरा

शाह के बयान पर विजयन का पलटवार: बोले- भाजपा-RSS से केरल को खतरा
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नई दिल्ली केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन ने सोमवार को कहा कि अगर राज्य में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) को प्रमुखता मिलती है, तो राज्य अपनी विशिष्ट पहचान खो देगा। कन्नूर में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के एक नए कार्यालय भवन का उद्घाटन करते हुए विजयन ने लोगों को संघ परिवार की विचारधारा के बढ़ते प्रभाव के प्रति सतर्क रहने की अपील की।

उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हालिया बयान का हवाला दिया, जिसमें शाह ने कोच्चि में दावा किया था कि भाजपा आगामी स्थानीय निकाय चुनावों में 25 प्रतिशत वोट और उसके बाद होने वाले विधानसभा चुनावों में बहुमत हासिल करेगी। विजयन ने कहा, "अगर आरएसएस की विचारधारा यहां मजबूत होती है, तो केरल वैसा नहीं रहेगा जैसा आज है। आज हमारे पास खाने-पीने, पहनने और पूजा करने की आजादी है। लेकिन जिन राज्यों में आरएसएस का प्रभाव है, वहां लोगों पर उनके पहनावे या भोजन को लेकर हमले होते हैं और यहां तक कि हत्या भी की जाती है।"


मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि संघ परिवार सबरीमाला सहित धार्मिक परंपराओं में हस्तक्षेप कर केरल की संस्कृति और सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा, "भगवान अयप्पा के साथ वावर का भी सबरीमला परंपरा में स्थान है, लेकिन संघ परिवार यह बर्दाश्त नहीं कर सकता कि एक मुस्लिम की ऐसी भूमिका हो। इसलिए वे वावर की पहचान को गलत ढंग से पेश करने की कोशिश करते हैं।"

कहानियों के अनुसार, वावर भगवान अयप्पा के मुस्लिम साथी थे और श्रद्धालु एरुमेली स्थित वावर की मस्जिद होते हुए सबरीमाला पहुंचते हैं। विजयन ने चेतावनी दी कि अगर ऐसी ताकतें प्रभाव में आईं तो सबरीमाला की समावेशी परंपरा नष्ट हो जाएगी। उन्होंने कहा कि केरल के पुनर्जागरण आंदोलनों ने जाति-आधारित समाज को एक प्रगतिशील समाज में बदला था, लेकिन अब उन उपलब्धियों को पलटने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा, "भाजपा को दिया गया हर वोट केरल की असली पहचान को नुकसान पहुंचाएगा। लोगों को इसे समझना होगा और स्पष्ट रुख अपनाना होगा।"

विजयन ने पूर्ववर्ती यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) सरकार (2011–16) पर भी हमला करते हुए कहा कि उसने राज्य की वित्तीय स्थिति को कमजोर कर विकास को रोक दिया था, जबकि 2016 से सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) सरकार ने सभी क्षेत्रों में प्रगति को पुनर्जीवित किया है।

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