पश्चिम एशिया संकट: युद्ध के असर से निपटने को सरकार ने बनाए 7 ग्रुप, जानिए किसकी क्या जिम्मेदारी

नई दिल्ली |केंद्र सरकार ने ईरान युद्ध के असर से भारतीय अर्थव्यवस्था के अलग-अलग क्षेत्रों पर पड़ने वाले असर से निपटने के लिए सात अधिकार प्राप्त समूहों का गठन किया है। ये समूह तेल, गैस, उर्वरक, आपूर्ति श्रृंखला और महंगाई जैसे क्षेत्रों पर काम करेंगे। इन समूहों में प्रधानमंत्री कार्यालय और कैबिनेट सचिवालय के वरिष्ठ अधिकारी और विशेषज्ञ शामिल हैं। इनका गठन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर किया गया, जब कैबिनेट सुरक्षा समिति की बैठक में पश्चिम एशिया संकट और उसके भारत पर असर की समीक्षा की गई।
किन अधिकारियों को कौन से समूह की जिम्मेदारी दी गई?
सात समूहों में पहला समूह रक्षा, विदेश मामलों और कानून व्यवस्था जैसे रणनीतिक मुद्दों पर ध्यान देगा। इसके संयोजक विदेश सचिव विक्रम मिस्री हैं और इसमें गृह सचिव गोविंद मोहन और रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह भी शामिल हैं।
दूसरा समूह अर्थव्यवस्था, वित्त और आपूर्ति से जुड़े मुद्दों की निगरानी करेगा। इसके संयोजक आर्थिक मामलों की सचिव अनुराधा ठाकुर हैं। इस समूह में वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल, वित्तीय सेवा सचिव एम नागराजू, व्यय सचिव वी वुअलनाम, श्रम सचिव वंदना गुरनानी, भारी उद्योग सचिव कमरान रिजवी, एमएसएमई सचिव एससीएल दास और उद्योग विभाग के सचिव अमरदीप सिंह भाटिया शामिल हैं।
तीसरा समूह पेट्रोलियम, एलएनजी, एलपीजी और ऊर्जा से जुड़े मामलों को देखेगा। इसके संयोजक पेट्रोलियम सचिव नीरज मित्तल हैं और इसमें बिजली, कोयला और खनन मंत्रालयों के सचिवों के साथ ओएनजीसी, आईओसी और गैस प्राधिकरण के प्रमुख शामिल हैं।
एक समूह उर्वरक और खेती में इस्तेमाल होने वाली जरूरी चीजों पर पड़ने वाले असर की निगरानी करेगा। इसके संयोजक उर्वरक सचिव रजत कुमार मिश्रा हैं और इसमें कृषि और किसान कल्याण विभाग तथा कृषि अनुसंधान विभाग के अधिकारी शामिल हैं। उर्वरक कंपनियों के प्रमुखों को भी इसमें शामिल किया गया है, ताकि बाजार की स्थिति की जानकारी मिल सके।
उपभोक्ता मामले सचिव निधि खरे की अगुवाई में एक समूह जरूरी वस्तुओं और कीमतों पर नजर रखेगा। इसमें स्वास्थ्य, औषधि, पशुपालन और कृषि विभाग के प्रतिनिधि शामिल हैं। परिवहन और लॉजिस्टिक्स से जुड़े मुद्दों के लिए एक समूह बनाया गया है, जिसकी जिम्मेदारी पोत, जलमार्ग और परिवहन सचिव विजय कुमार को दी गई है। इसमें नागरिक उड्डयन, सड़क परिवहन और रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं।
सातवां समूह सूचना, संचार और जनसंपर्क से जुड़े मामलों को संभालेगा, जिसकी अगुवाई सूचना और प्रसारण सचिव संजय जाजू करेंगे। इसमें पेट्रोलियम, उर्वरक, शिपिंग, उपभोक्ता और विदेश मंत्रालय के अधिकारी शामिल हैं। इन सभी समूहों का मुख्य काम ऊर्जा आपूर्ति और कीमतों से जुड़े जोखिमों का आकलन करना, आपूर्ति में बाधा से निपटना और जरूरी वस्तुओं की उपलब्धता और कीमतों को स्थिर बनाए रखना है।
