मनचाहे वर पाने के लिए सरल विधि से करें पूजा, वैवाहिक जीवन होगा खुशहाल

हर साल सावन के महीने में हरियाली तीज के त्योहार को बेहद उत्साह के साथ मनाया जाता है। सावन माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि पर भगवान शिव और माता पार्वती के मिलन के रूप में हरियाली तीज मनाई जाती है। इस शुभ अवसर पर सुहागिन महिलाएं सोलह श्रृंगार करके भगवान शिव और माता पार्वती की विशेष पूजा-अर्चना करती हैं। इसके अलावा कुंवारी लड़कियां भी मनचाहे वर की प्राप्ति के लिए व्रत रखकर उपासना करती हैं। अगर आप भी इस व्रत को कर रही हैं, तो व्रत की शुरुआत होने से पहले जरूर नोट करें पूजा का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि के बारे में।
पंचांग के अनुसार, सावन माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि की शुरुआत 06 अगस्त को रात 07 बजकर 52 मिनट पर होगी। वहीं, इसका समापन अगले दिन यानी 07 अगस्त को रात 10 बजकर 05 मिनट पर होगा। सनातन धर्म में उदया तिथि मान है। अतः 07 अगस्त को हरियाली तीज मनाई जाएगी।
हरियाली तीज पूजा विधि
इस दिन सूर्योदय से पहले उठकर स्नान कर साफ वस्त्र धारण करें। इसके बाद सूर्य देव को जल अर्पित करें। इसके बाद चौकी पर लाल या पीला कपड़ा बिछाकर मिट्टी से बनी भगवान शिव और माता पार्वती की प्रतिमा को विराजमान करें। माता पार्वती को सोलह श्रृंगार अर्पित करें। साथ ही फल, फूल, धूप-दीप, अक्षत, दूर्वा चढ़ाएं।
देशी घी का दीपक जलाकर आरती करें और मंत्रों का जप करें। इसके बाद शिव जी और माता पार्वती से सुख, समृद्धि और पति की लंबी आयु के लिए कामना करें। इसके पश्चात निर्जला उपवास करें। शाम में विधिपूर्वक पूजा-अर्चना करें। फल, खीर, मिठाई और फल समेत आदि चीजों का भोग लगाएं। अगले दिन पूजा-पाठ कर व्रत का पराण करें। अंत में श्रद्धा अनुसार अन्न, धन और वस्त्र समेत आदि चीजों का दान करें।
