शिव कृपा और समृद्धि का प्रतीक: घर के आंगन में बेलपत्र लगाने से बरसेगी महालक्ष्मी की कृपा

भीलवाड़ा। सनातन धर्म में पेड़-पौधों का विशेष महत्व बताया गया है, जिनमें बेलपत्र (बिल्व वृक्ष) को अत्यंत पवित्र और पूजनीय माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, बेलपत्र भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है और जिस घर के आंगन में यह पौधा होता है, वहां साक्षात महालक्ष्मी का वास होता है।
धन-धान्य की कभी नहीं होती कमी
ज्योतिष शास्त्र और पुराणों के अनुसार, बेल का वृक्ष केवल एक पौधा नहीं बल्कि सकारात्मक ऊर्जा का पुंज है। माना जाता है कि जिस घर में बेल का वृक्ष फल-फूल रहा होता है, वहां कभी भी धन-धान्य और सुख-सुविधाओं की कमी नहीं होती। इस पौधे की सेवा करने से पितृ दोषों से मुक्ति मिलती है और घर के सदस्यों पर आने वाले संकट टल जाते हैं।
वास्तु और आध्यात्मिक लाभ
* महालक्ष्मी का वास: शिव पुराण के अनुसार, बेल वृक्ष की जड़ों में गिरिजा, तनों में माहेश्वरी और शाखाओं में माता लक्ष्मी का वास होता है।
* अक्षय पुण्य: बेल के पौधे को सींचने से मनुष्य को अश्वमेध यज्ञ के समान पुण्य प्राप्त होता है।
* नकारात्मकता का नाश: घर की उत्तर-पश्चिम दिशा में बेल का पौधा लगाने से शत्रु बाधा दूर होती है और परिवार में खुशहाली आती है।
* शिव पूजन में अनिवार्य: बिना बेलपत्र के भगवान भोलेनाथ की पूजा अधूरी मानी जाती है। घर में पौधा होने से भक्त नियमित रूप से ताजे और शुद्ध पत्र शिवजी को अर्पित कर सकते हैं।
धार्मिक जानकारों का कहना है कि नियमित रूप से बेल के पौधे के नीचे दीपक प्रज्वलित करने से व्यक्ति के यश और कीर्ति में वृद्धि होती है। यदि आप भी अपने जीवन में सुख, शांति और समृद्धि चाहते हैं, तो घर के आंगन में बेलपत्र का पौधा अवश्य लगाएं।
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