जो भगवान से जुड़ा रहता है उनके लिए कलयुग वरदान बन जाता है

जो भगवान से जुड़ा रहता है उनके लिए कलयुग वरदान बन जाता है
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आकोला (रमेश चंद्र डाड)श्री बाणमाता शक्तिपीठ गोवटा बांध पर श्रीमद् भागवत कथा के दूसरे दिन श्रीमद् भागवत कथा का वाचन कर रहे प्रेमनारायण महाराज (गेंहूखेड़ी) ने कहा कि धन में संतोष करो, लेकिन आध्यात्मिक ज्ञान में संतोष नहीं करते हुए नियमितता बनाए रखनी चाहिए। जिस दिन प्रभु तेरा दर्शन होगा, तभी मेरा जीवन सफल होगा की आस ईश्वर से निरंतर लगाए रखनी चाहिए। मानव जीवन में बाहरी आवरण पर अहंकार नहीं करते हुए आंतरिक आत्मा को सभी ईश्वर की है। ऐसी भावना प्रत्येक में विद्यमान होनी चाहिए। जब चढ़ेगा श्याम का रंग, तो बदल जाएगा जीने का ढंग। जो मनुष्य कलयुग में भजन नहीं करते हैं उनका कलयुग खराब रहता है और जो भगवान से जुड़ा रहता है उनके लिए कलयुग वरदान बन जाता है। यह नश्वर संसार में तन होगा राख की ढेरी, क्यों करें भजन में देरी। महाराणा प्रताप एवं मीराबाई कि इस धरती पर मनुष्य को विशेष कर युवा पीढ़ी को पाश्चात्य संस्कृति से दूर रहकर भारतीय संस्कृति से जीवन को ओतप्रोत करना ज्यादा सार्थक है। सामूहिक बसंत पंचमी महोत्सव बड़े धूमधाम से मनाया गया।

कथा प्रतिदिन 12 बजे लेकर 3 बजे तक की जा रही है। मुख्य यजमान नंदकिशोर सनाढ्य, जोड़ा मोहन लाल कुमावत, दुर्गा लाल तेली, मुकेश सुथार ने पूजा अर्चना करवाई।कार्यक्रम में भारी संख्या में महिला, पुरुष भक्तजन मौजूद थे।

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