बच्चों को करोड़पति नहीं, इंसान बनाइए - जया किशोरी

बच्चों को करोड़पति नहीं, इंसान बनाइए -   जया किशोरी
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आज के माता-पिता बच्चों के लिए करोड़ों छोड़कर जाना चाहते हैं, पर क्या आपने कभी सोचा है कि उन पैसों को कैसे संभालेंगे अगर उनमें अच्छे संस्कार ही नहीं होंगे? मोटिवेशनल स्पीकर जया किशोरी जी ने अपने प्रवचन में पेरेंट्स को एक सच्चाई से रूबरू कराया – धन से ज्यादा जरूरी है बच्चों को काबिल और संस्कारी बनाना.

जया किशोरी जी का विचारशील संदेश

बच्चों के लिए धन मत छोड़कर जाइए, उन्हें काबिल बनाकर जाइए. धन तो आ जाएगा, पर उसे संभालना नहीं आया तो सब व्यर्थ हो जाएगा.

– जया किशोरी

यह एक ऐसा वाक्य है जो हर माता-पिता को सोचने पर मजबूर करता है कि क्या हम अपने बच्चों को सही दिशा दे रहे हैं?

बच्चों को कैसे दें गहरे संस्कार

1. खुद उदाहरण बनें

बच्चे वही करते हैं जो वे अपने माता-पिता को करते हुए देखते हैं. यदि आप अपने जीवन में ईमानदारी, समय की पाबंदी और आदर दिखाते हैं, तो वही बच्चे भी सीखेंगे.

2. सिर्फ पढ़ाई नहीं, व्यवहारिक ज्ञान भी दें

बच्चों को किताबों की जानकारी के साथ जीवन के सबक देना भी जरूरी है – जैसे कि कैसे विनम्रता से बात करें, समय की कीमत क्या होती है, और मेहनत का क्या मूल्य है.

3. पैसे की समझ दें

सिर्फ पॉकेट मनी देने से बात नहीं बनती. उन्हें यह भी बताएं कि पैसा कैसे कमाया जाता है, कैसे बचाया जाता है और कैसे उसका सही उपयोग किया जाता है.

4. संवेदनशीलता और सहानुभूति सिखाएं

दूसरों की मदद करना, दूसरों की भावनाएं समझना और बड़ों का सम्मान करना – ये बातें उनके व्यक्तित्व को मजबूत बनाती हैं.

5. संघर्षों से भागना नहीं, सामना करना सिखाएं

हर चुनौती से डरने की बजाय उसका सामना करना सिखाइए. यही असली आत्मनिर्भरता होती है.

धन और संपत्ति सिर्फ बाहरी सुख देती है, लेकिन संस्कार बच्चों के अंदर आत्मबल, समझदारी और सहानुभूति भरते हैं. जया किशोरी जी का यह संदेश हर माता-पिता के लिए एक चेतावनी भी है और प्रेरणा भी.

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