गंगाजल लाने टैंकर हरिद्वार रवाना: गंगाजल से भोलेनाथ का सहस्त्रधारा अभिषेक 18 को,

भीलवाड़ा। सावन महीने में 18 अगस्त को शहर के बालाजी मार्केट स्थित बालाजी मंदिर शिवालय में हरिद्वार से हरि की पेढ़ी से लाए 24 हजार लीटर गंगाजल से भोलेनाथ का सहस्त्रधारा अभिषेक होगा। गंगाजल लानेके लिए भीलवाड़ा से टैंकर भेजा गया।
बाला जी मंदिर के पुजारी आशुतोष शर्मा के सानिध्य में शहर व जिले के विभिन्न कस्बों के 51 पंडितों के मंत्रोच्चारण के बीच होने वाले सहस्त्रधारा अभिषेक से पहले हरिद्वार स्थित हरि की पेढ़ी से गंगाजल लेकर आने वाले टैंकर को गंगाजी का स्वरूप मानते हुए मंदिर के सिंहद्वार पर प्रत्यक्ष गंगाभाव से पूजन किया जाएगा। भोलेनाथ के साथ ही श्रीराम दरबार व हनुमानजी का भी अभिषेक किया जाएगा। बालाजी मंदिर शिवालय में वर्तमान में रोज नमक-चमक, रुद्राभिषेक व पंचामृत अभिषेक, पूजा-अर्चन व श्रृंगार हो रहा है। हरिद्वार स्थित हरि की पेढ़ी से गंगाजल लेने के लिए सोमवार को टैंकर रवाना किया गया।
पुजारी शर्मा ने बताया कि दोपहर 2 से शाम 5 बजे तक होने वाले रुद्राभिषेक के दौरान श्रीराम दरबार का मूल रामायण रामरक्षा स्त्रोत व हनुमानजी का वाल्मिकी सुंदरकांड के साथ अभिषेक होगा। अभिषेक से पहले बजरंग मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष अनिलकुमार मानसिंहका गंगाजल लेकर आने वाले टैंकर का पूजन कराएंगे। शाम साढ़े 5 बजे आरती के बाद प्रसाद वितरित होगा। गंगाजल से करीब 3 घंटे तक किए जाने वाले सहस्त्रधारा अभिषेक को लेकर बजरंग मंडल ट्रस्ट के पदाधिकारियों द्वारा पुजारी आशुतोष शर्मा के नेतृत्व में तैयारियां की जा रही है। थालियों में 21 तरह की पूजा सामग्री सजाया जा रहा । पुजारी ने बताया कि पूरे श्रावण महीने में रोज भोलेनाथ का रुद्राभिषेक किया जा रहा है।
पहला अभिषेक सुबह साढ़े 6 से 8 बजे तक, दूसरा सुबह 8 से साढ़े 9 बजे तथा तीसरा अभिषेक साढ़े 9 बजे से 11 बजे तक हो रहा है। अभिषेक के दौरान पूजा के लिए रोज 21 थालियों में 21 कटोरी रखकर भोलेनाथ की पूजा-अर्चना व अन्य अनुष्ठान किया जा रहा है। पूजन सामग्री में कुमकुम, लच्छा, केसर, चंदन, चावल, गुड़, पंचमेवा, मेहंदी, गुलाल, इत्र, जनेऊ, सुपारी, लोंगे, इलायची, शहद, शक्कर, घी, दूध, फूलमाला, बिल्वपत्र, फल, प्रसाद आदि वस्तुएं शामिल है।
