राजस्थान में भजनलाल मंत्रिमंडल का विस्तार : किरोड़ीलाल, राज्यवर्धन समेत 22 मंत्रियों ने ली शपथ

जयपुर।राजस्थान में भजनलाल सरकार के मंत्रिमंडल का गठन शनिवार को हो गया। राज्यपाल कलराज मिश्र ने 22 मंत्रियों को शपथ दिलाई। इनमें 12 कैबिनेट और 5 राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), 5 राज्य मंत्री हैं। राज्य में जिन 22 विधायकों ने शपथ ली है, इनमें 17 पहली बार मंत्री बने हैं। 12 कैबिनेट मंत्रियों में से 9 पहली बार कैबिनेट मंत्री बने हैं। जबकि 5 स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्रियों में चार और पांच राज्य मंत्रियों में से चार पहली दफा मंत्री बनाए गए हैं। किरोड़ी लाल मीणा,गजेंद्र सिंह खींवसर,कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़,बाबूलाल खराड़ी,मदन दिलावर,जोगाराम पटेल,सुरेश सिंह रावत,अविनाश गहलोत,जोराराम कुमावत,हेमंत मीणा,कन्हैयालाल चौधरी,सुमीत गोदारा राज्यपाल कलराज मिश्र ने कैबिनेट मंत्री पद की शपथ दिलाई है।
अलवर शहर से विधायक संजय शर्मा,गौतम कुमार दक,झाबर सिंह खर्रा,सुरेंद्र पाल सिंह टीटी,हीरालाल नागर ने राज्य मंत्री(स्वतंत्र प्रभार) पद की शपथ ली है।
ओटाराम देवासी,मंजू बाघमार,विजय सिंह चौधरी,केके विश्नोई,जवाहर सिंह बेढ़म ने राज्य मंत्री पद की शपथ ली है।मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 15 दिसंबर को पद एवं गोपनीयता की शपथ ली थी।
अपडेट -

शपथ ग्रहण कार्यक्रम शुरू -
शपथ लेने वाले मंत्रियों के नाम
- कैबिनेट मंत्री के रूप में डॉ किरोड़ी लाल मीणा
- कैबिनेट मंत्री के रूप में गजेंद्र सिंह खींवसर
- कैबिनेट मंत्री के रूप में राज्यवर्धन सिंह राठौड़
- कैबिनेट मंत्री के रूप में बाबूलाल खराड़ी
- कैबिनेट मंत्री के रूप में मदन दिलावर
- कैबिनेट मंत्री के रूप में जोगाराम पटेल
- कैबिनेट मंत्री के रूप में सुरेश सिंंह रावत
- कैबिनेट मंत्री के रूप में अविनाश गहलोत
- कैबिनेट मंत्री के रूप में जोगाराम कुमावत
- कैबिनेट मंत्री के रूप में हेमंत मीणा
- कैबिनेट मंत्री के रूप में कन्हैया लाल चौधरी
- कैबिनेट मंत्री के रूप में सुमित गोदारा
राज्य मंंत्री स्वतंत्र प्रभार :
- संजय शर्मा
- गौतम कुमार
- झाबर सिंंह खर्रा
- सुरेन्द्र पाल सिंंह टीटी (चुनाव से पहले बने मंत्री)
- हीरालाल नागर
राज्य मंंत्री
- ओटाराम देवासी
- डॉ: मंजू बाघमार
- विजय सिंह चाैैधरी
- कृष्ण कुमार केके विश्नोई
- जवाहर सिह बेढम
सबसे पहले किरोड़ीलाल मीणा ने शपथ ली। सबसे पहले शपथ दिलाकर उन्हें सबसे सीनियर मंत्री के तौर पर जगह दी गई है। वे एसटी का बड़ा चेहरा माने जाते हैं। वे खरा बोलने के लिए जाने जाते हैं। संघ से जुड़े रहे हैं।
वसुंधरा राजे खेमे के गजेंद्र सिंह खींवसर ने दूसरे क्रम पर शपथ ली। गजेंद्र सिंह वसुंधरा राजे की दोनों सरकारों में मंत्री रह चुके हैं। उनकी पहचान राजपूत चेहरे के रूप में भी है। भजनलाल सरकार को उनके अनुभव का फायदा मिलेगा।
कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने तीसरे क्रम पर शपथ ली। केंद्र में मंत्री रहे हैं। दो बार सांसद रहे। उन्हें इस बार भाजपा ने विधानसभा के मैदान में उतारा था। वे पहली बार विधायक बने और कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली है। जातीय समीकरणों के हिसाब से भी राजपूत वर्ग से एक उभरते चेहरे को महत्व देने का मैसेज दिया है।
बाबूलाल खराड़ी झाड़ोल से विधायक हैं। उनकी गिनती आदिवासी इलाके के जमीनी नेता के तौर पर होती है। खराड़ी अब भी कच्चे घर में रहते हैं। पिछली बार उन्हें राजस्थान विधानसभा का सर्वश्रेष्ठ विधायक चुना गया था।
भजनलाल सरकार में दलित चेहरे के रूप में मदन दिलावर को शामिल किया गया है। वे संघ की पसंद हैं। भैरासिंह शेखावत सरकार और वसुंधरा राजे सरकार में मंत्री रह चुके हैं। हाड़ौती के सियासी समीकरण साधे गए हैं।
पटेल वोट बैंक पर नजर रखते हुए भजनलाल सरकार में हाईकोर्ट में वकील रहे जोगाराम पटेल को कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ दिलाई गई है। पिछड़ा वर्ग को साधने की कोशिश है। आंजना, पटेल बीजेपी का वोट बैंक माना जाता है।
सुरेंद्र पाल सिंह टीटी श्रीकरणपुर से बीजेपी के उम्मीदवार है और अब राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार बन गए हैं। चलते चुनाव के दौरान किसी को मंत्री बनाए जाने का पहला मामला है। बता दें कि श्रीकरणपुर सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार गुरमीत कुन्नर के निधन के बाद वहां चुनाव रद्द हो गया था, सीट पर 5 जनवरी को वोटिंग है।
पुष्कर से तीसरी बार विधायक बने सुरेश सिंह रावत ने भी मंत्री पद की शपथ ली। रावत भी संघ की पसंद माने जा रहे हैं। वे मुखर नेता माने जाते हैं। पूर्व में वे राज्य मंत्री का दर्जा प्राप्त संसदीय सचिव बन चुके हैं।
जैतारण विधायक अविनाश गहलोत को भी भजन लाल सरकार में मंत्री बनाया है। वे दूसरी बार के विधायक हैं। वे जमीनी नेता माने जाते हैं। वे संगठनों के कई पदों पर रह चुके हैं। वे आलाकमान की पसंद माने जाते हैं।
जोरा राम कुमावत कुशल राजनीतिज्ञ माने जाते हैं। वे सुमेरपुर विधानसभा से जीते हैं। राजनीति का लंबा अनुभव है। 2018 में भी बड़ी जीत पा चुके जोराराम इस बार भी भारी मतों से जीते हैं।
हेमंत मीणा प्रतापगढ़ विधानसभा से विधायक हैं। वे पूर्व मंत्री नंदलाल मीणा के बेटे हैं। नंदलाल मीणा वसुंधरा राजे के समर्थक रहे हैं। भाजपा ने मंत्रिमंडल में हेमंत मीणा को शामिल कर सभी को चौंका दिया। दरअसल हेमंत मीणा पहली बार विधायक बने हैं। भजनलाल मंत्रिमंडल में उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया गया है।
भाजपा के कन्हैया लाल चौधरी ने 2023 के विधानसभा चुनावों में जीत की हैट्रिक लगाई थी उन्हें अब भजनलाल सरकार के मंत्रिमंडल में जगह दी गई है। वे संघ की पसंद माने जाते हैं।
बीकानेर जिले से अकेले सुमित गोदारा को ही कैबिनेट मंत्री बनाया गया है। वे दो बार से विधायक हैं। उन्होंने करणी सेना की जयकारे के साथ शपथ ली है। गोदारा दूसरी बार विधायक निर्वाचित हुए हैं। इन्हें मंत्री बनाकर जाट समाज को साधा गया है।
भजनलाल सरकार में जातीय समीकरण का विशेष ध्यान रखा गया है। सबसे ज्यादा जाट मंत्री बने हैं। अब पूरे मंत्रिमंडल में दो ब्राहण, 3 राजपूत, 4 जाट, 3 एसटी, 1 जट सिख, 3 एससी,1 वैश्य, 1 पटेल, 1 विश्नोई और समेत एक एक प्रतिनिधित्व धाकड़, देवासी समाज, गुर्जर समाज, रावत समाज, सैनी समाज और कुमावत समाज को भी दिया गया है।

