मोशन सिकनेस का विज्ञान: आसान शब्दों में

कार, बस, ट्रेन, प्लेन पर बैठते ही आपको चक्कर या उल्टी जैसा महसूस हो, तो यह मोशन सिकनेस की समस्या कहलाती है। इसे आप कुछ सावधानियों के साथ बिना दवाओं के भी दूर कर सकते हैं। ट्रेवल करने का कोई भी साधन चाहे कार हो, प्लेन, ट्रेन या जहाज, अचानक ही मोशन सिकनेस ला सकता है।
विज्ञापन हटाएं
सिर्फ खबर पढ़ें
इसकी वजह से हल्की मितली से लेकर चक्कर, पसीना आना और उल्टी जैसी समस्याएं तक हो सकती हैं।
जैसा कि आपने बताया, यह पूरी तरह से 'Sensory Conflict' (इंद्रियों के बीच भ्रम) का मामला है।
सिद्धांत: जब आपकी आंखें गति (movement) देखती हैं, लेकिन आपके कान (वैलेंस सिस्टम) और शरीर गति महसूस नहीं करते, तो दिमाग एक "जहर" (toxin) के भ्रम में पड़ जाता है और सुरक्षा के तौर पर उल्टी (vomiting) को ट्रिगर करता है।
✅
ताजी हवा (Fresh Air): खिड़की खोलने से न केवल ऑक्सीजन मिलती है, बल्कि चेहरे पर हवा लगने से घबराहट कम होती है।
स्क्रीन्स से दूरी (Avoid Screens): फोन या किताब देखने से आंखों का फोकस एक स्थिर बिंदु पर होता है, जबकि शरीर हिल रहा होता है। इससे कन्फ्यूजन बढ़ता है।
पुदीना और अदरक (Mint & Ginger): ये प्राकृतिक एंटासिड की तरह काम करते हैं और पेट की मांसपेशियों को शांत करते हैं।
➕ कुछ और कारगर टिप्स (अतिरिक्त जानकारी)
अगर ऊपर दिए गए उपायों के बाद भी समस्या हो, तो ये तरीके भी आजमाए जा सकते हैं:
सामने की सीट चुनें: कार में हमेशा Front Seat पर बैठें और सामने की तरफ सड़क (Horizon) को देखें। इससे आंखों और कानों के सिग्नल मैच हो जाते हैं।
एक्यूप्रेशर (Acupressure): अपनी कलाई के अंदरूनी हिस्से पर (हथेली से तीन उंगली नीचे) हल्का दबाव डालने से भी मतली (Nausea) कम होती है। इसे 'P6 पॉइंट' कहते हैं।
हल्का भोजन: सफर पर कभी भी खाली पेट न निकलें, लेकिन बहुत भारी या मसालेदार खाना भी न खाएं। हल्का नाश्ता सबसे अच्छा होता है।
सिर को स्थिर रखें: सीट के हेडरेस्ट (Headrest) का इस्तेमाल करें ताकि सिर ज्यादा न हिले।
