हमारी जान, हमारा मान है हिंदी

हमारी जान, हमारा मान है हिंदी
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राजसमन्द (राव दिलीप सिंह) सेठ रंगलाल कोठारी राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में हिंदी दिवस पर विचार गोष्ठी एवं काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। प्राचार्य निर्मला मीणा ने बताया कि साहित्य समिति के द्वारा विचार गोष्ठी एवं काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। सर्वप्रथम विजेंद्र शर्मा संस्कृत आचार्य ने संस्कृत से हिंदी के उद्भव और विकास पर प्रकाश डालते हुए हिंदी की वैज्ञानिकता और हिंदी के महत्व को बताया। हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. उषा शर्मा ने हिंदी दिवस कब और कैसे प्रारंभ हुआ तथा आज हिंदी की क्या स्थिति है और इसे हम कैसे राष्ट्रभाषा बना सकते हैं। कवि सम्मेलन के प्रारंभ नीतू बाफना ने हिंदी का महत्व बताकर श्रृंगार रस पूर्ण मनभावन कविता सुनकर विद्यार्थियों का मन मोह लिया। पूर्व छात्र नरेंद्र सिंह में वीर रस पर काव्य पाठ किया। पुष्पा पालीवाल, परितोष पालीवाल, नारायणसिंह राव ने हिंदी भाषा के महत्व पर विचार व्यक्त किया और कविता सुनाई। इस अवसर पर पूर्व छात्रा भावना लोहार और स्नातकोत्तर हिंदी में अध्यनरत छात्र प्रीतिश श्रीमाली, छात्रा चेष्टा बागोरा, भाविका पालीवाल, चेतन तथा तुलसीराम बंजारा ने भी हिंदी की कविता सुनाई। भूमिका साध्या और विजेता चंपावत ने हिंदी भाषा पर महत्वपूर्ण विचार व्यक्त किए। प्राचार्य ने हिंदी के महत्व को आज की महत्वपूर्ण आवश्यकता बताते हुए कहा कि हम विदेशी भाषाओं के को जाने समझे और पढ़ें लेकिन हिंदी के महत्व को कभी नहीं भूले क्योंकि यही हमारी भाषा राष्ट्रभाषा है और इसी की अभिव्यक्ति खुलकर की जा सकती है। अनिल कालोरिया ने भी हिंदी के विषय में अपने विचार व्यक्त किए। डॉ सुमन बड़ौला, डॉ. संतोष भंडारी, डॉ. मीनाक्षी बोहरा, खुशबू मनोहर सिंह राजपुरोहित उपस्थित रहे। डॉ. मनदीप सिंह ने सभी का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन विजेंद्र कुमार शर्मा ने किया।

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