भीलवाड़ा में हर प्रकार के फल का स्वाद ले सकते है बारह महीने, सबसे महंगी बिक रही है ब्ल्यूचेरी

भीलवाड़ा (प्रहलाद तेली)। शहर में अब देशी विदेशी फल बारह महीनों उपलब्ध होने लगे है। विदेशी फल 3 हजार रुपए किलो तक भीलवाड़ा में बिक रहे है जबकि सबसे सस्ता फल सीताफल है। यह भी अब पूरे वर्ष मिलने लगा है। कुछ फल तो ऐसे है जिनसे चर्बी खत्म होती है और नजर बढ़ती है।
सूचना केन्द्र के निकट कश्मीर फ्रूट्स के संचालक ताराचंद पपनानी ने बताया है कि भीलवाड़ा के लोग अब बाहरी फलों को भी पसंद करने लगे है लेकिन इनकी कीमत काफी अधिक है। देशी घी से पांच गुणा महंगे फल होने के बावजूद इनकी बिक्री लगातार हो रही है। पपनानी ने बताया कि ब्ल्यूबेरी 3 हजार रुपए किलो और ईरान की चेरी ढाई हजार रुपए किलो बिक रही है। जबकि न्यूजीलैण्ड से एवागाडा 2 सौ रुपए फीस में उपलब्ध है। सर्दी का मेवा नाम से जानी जाने वाली खजूर वैसे तो सौ रुपए किलो में मिल जाती है लेकिन बाहर से आ रही खजूर बिरारी और मेलजोल खजूर की 5 सौ ग्राम की पैकिंग 800 रुपए में बिक रही है। यानि यह 1600 रुपए किलो में उपलब्ध है। इसी तरह ढाई सौ तीन सौ ग्राम का रामफल सौ रुपए में बिक रहा है जिससे शरीर की चर्बी भी कम होती है और नजर भी बढती है।
गर्मी के फल के नाम से मशहूर आम अब भीलवाड़ा में बारह महीनों मिलने लगे है। हाफूस जो आम दिनों में 3 सौ रुपए किलो में होता है वह 600 रुपए में बिक रहा है। बादाम आम 60 से 80 रुपए किलो सीजन में मिलता है वह अभी 400 रुपए तथा तोतापुरी 200 रुपए किलो में उपलब्ध है। अमरूद सौ रुपए, सीताफल 80 रुपए, लीची 1600 रुपए, स्ट्राबेरी का पैकेट 80 रुपए, आलू बुखारा जो थाईलैंण्ड से आ रहा है 250 रुपए में बिक रहा है। भीलवाड़ा भी बड़े शहरों की तर्ज पर चलने लगा है और यहां बारह महीनों हर फल उपलब्ध हो रहा है। लोग किसी भी समय अपनी पसंद के फल का स्वाद ले सकते है। पर इसके लिए उन्हें जेब हल्की करनी होती है। बाकी पपनानी बताते है कि 12 हजार रुपए किलो वाला फल भी यहां बाहर से कुछ मंगवाते है।
