कन्हैयालाल की अस्थियां अब तक नही हो पाया विसर्जन,, परिवार में दहशत;रिश्तेदार भी नहीं आते घर

कन्हैयालाल की अस्थियां अब तक नही हो पाया विसर्जन,, परिवार में दहशत;रिश्तेदार भी नहीं आते घर
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उदयपुर। शहर में  एक साल पहले आज ही के दिन 28 जून  को हुई दर्जी कन्हैयालाल की नृशंस हत्या का जख्म अब भी भरा नहीं है। साल  भर बाद भी परिवार दहशत में जी रहा है तो बाजार की रौनक गायब है। हमेशा चहल-पहल वाले मालदास स्ट्रीट बाजार में ग्राहक आने से कतराते हैं, जिसकी वजह से व्यापार लगभग ठप हो गया। दुकानदारों में भी भय का माहौल है। कन्हैयालाल के सेक्टर-14 स्थित आवास और उसके आसपास के क्षेत्र में किसी अजनबी को देख कर लोग चौकन्ने हो जाते हैं। उनके दोनों बेटों के साथ पत्नी भी डरी-डरी सी रहती हैं।

पुलिस के दो जवान घर के बाहर तैनात रहते हैं, लेकिन असुरक्षा का भाव दूर नहीं हो रहा। कन्हैयालाल की पत्नी जसोदा बताती हैं कि जीवन सामान्य नहीं रहा। रिश्तेदार भी घर आने से घबराते हैं। दूर के रिश्तेदारों और मित्रों ने आना छोड़ दिया। पति के हत्यारों को मौत की सजा मिलेगी, तब मुझे चैन मिलेगा। बड़े बेटे यश ने संकल्प लिया था कि पिता के हत्यारों को फांसी नहीं हो जाती, तब तक वह न तो बाल कटाएगा और न ही पांव में चप्पल पहनेगा।पिताजी की अस्थियां भी विसर्जित नहीं करेगा। यश कहता है कि एक साल बाद भी न्याय नहीं मिला। मुश्किल इतनी बढ़ गई है कि कहीं भी जाना होता है तो पुलिस से इजाजत लेनी पड़ती है। कन्हैया के दोनों बेटों को राज्य सरकार ने नौकरी दे दी, लेकिन उन्हें छोड़ने और लाने के लिए हमेशा दो गनमैन साथ होते हैं।

बाहर से ताला लगाकर अंदर घरों में रहते हैं लोग

इलाके में कुछ घरों पर लोग बाहर से ताला लगाकर घरों में अंदर ही रहते हैं। लोगों में अबतक उस घटना का खौफ बना हुआ है। इसका कारण दहशत ही है। हालांकि यहां बसे लोगों का यह भी कहना है कि यह बीती बात है लेकिन कोई भी खतरा मोल नहीं लेना चाहते।

आधा रह गया कारोबार

मालदास स्ट्रीट बाजार के कारोबारी बताते हैं कि पहले संभाग भर के कपड़ा कारोबारी खरीदारी करने आते थे। शादी-विवाह के पूरे सीजन रौनक रहती थी। लेकिन, अब कारोबार बीस से पचास फीसद रह गया है। इसके चलते कई दुकानदार अपना प्रतिष्ठान खाली कर चले गए। जिस भूतमहल गली में कन्हैयालाल की दुकान थी वहां कोई दुकान खोलना ही नहीं चाहता।

कन्हैयालाल हत्याकांड से दहल उठा था देश

मालदास स्ट्रीट बाजार की भूतमहल गली में सुप्रीम टेलर्स के नाम पर कन्हैयालाल की दुकान थी और वह अन्य कामगारों के साथ सिलाई का काम करता था। भाजपा नेता नुपुर शर्मा की इंटरनेट मीडिया पर की गई पोस्ट का समर्थन करने पर मोहम्मद रियाज और गौस मोहम्मद ने 28 जून, 2022 को दिनदहाड़े गला रेतकर कन्हैयालाल की हत्या ही नहीं की बल्कि उसका लाइव वीडियो बनाकर इंटरनेट मीडिया पर अपलोड कर दिया। इस घटना से पूरा देश दहल गया। बाद में पता चला कि पड़ोसी दुकानदार नाजिम ने ही हत्यारोपितों मोहम्मद गौस और रियाज अत्तारी को कन्हैयालाल की जानकारी दी थी।

 

पिताजी की अस्थियां भी विसर्जित नहीं करेगा। यश कहता है कि एक साल बाद भी न्याय नहीं मिला। मुश्किल इतनी बढ़ गई है कि कहीं भी जाना होता है तो पुलिस से इजाजत लेनी पड़ती है। कन्हैया के दोनों बेटों को राज्य सरकार ने नौकरी दे दी, लेकिन उन्हें छोड़ने और लाने के लिए हमेशा दो गनमैन साथ होते हैं।

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