बुढ़ापे में भी जवान बनाए रखेगा ये दो योगासन, अपनी दिनचर्या में जरूर करें शामिल

योगासन उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करने में मदद करते हैं और शरीर को स्वस्थ व ऊर्जावान बनाए रखने में मददगार साबित होते हैं. ये आसन रक्त संचार को बढ़ाते हैं, त्वचा में निखार लाते हैं और मानसिक शांति प्रदान करते हैं. साथ ही इन योगासनों को रोजाना करने से आप लंबे समय तक अपने आपको स्वस्थ रख सकते हैं. लेख में दो ऐसे योगासनों के बारे में बता रहे हैं, जो एंटी-एजिंग के लिए बहुत फायदेमंद हैं. बढ़ती उम्र का असर चेहरे और शरीर पर कम दिखने लगता है लेकिन अगर आप चाहते हैं कि ऐसा न हो तो आपको खान-पान, दिनचर्या और मानसिक स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना होगा. बुढ़ापे में जवान और ऊर्जावान दिखने के लिए कुछ योगासन भी मदद कर सकते हैं.
एंटी-एजिंग योगासन कुछ इस प्रकार है
अधोमुख श्वानासन है लाभकारी
विधि
योगा मैट पर घुटनों के बल बैठ जाएं और हाथों को आगे की ओर बढ़ाएं.
दोनों हाथों को कंधे की चौड़ाई पर ओर पैरों को कूल्हों की चौड़ाई पर रखें.
सांस भरते हुए घुटने को ऊपर उठाएं और कूल्हों को ऊपर की ओर ले जाएं , जिससे शरीर उल्टे V के आकार में आ जाए.
एड़िओं को जमीं किन ओर दबाएं और सिर को हाथों के बिच रखें.
शरीर को संतुलित रखते हुए वापस प्रारंभिक स्थिति में आ जाएं.
धीरे-धीरे घुटनों को मोड़ते हुए वापस प्रारंभिक स्तिथि में आ जाएं.
नियम
इस आसन को करने के लिए खाली पेट होना जरूरी होता है या फिर 4-5 घंटे खाना खाए हो चुका हो.
शुरू में इसे 20-30 सेकंड तक करें और धीरे-धीरे समय बढ़ाएं.
अगर कमर, कंधे या हाथों में किसी प्रकार की चोट हो तो यह आसन करने से बचें.
हाई ब्लड प्रेशर या वर्टिगो की समस्या होने पर डॉक्टर की सलाह लें.
लाभ
त्वचा में निखार लाता है.
स्ट्रेस की समस्या से छुटकारा दिलाता है.
रीढ़ की हड्डी और मांसपेशियों को मज़बूत बनता है.
हलासन है फायदेमंद
विधि
योगा मैट पर पीठ के बल लेट जाएं और हाथों को शरीर के पास रखें.
गहरी सांस लेते हुए पैरों को धीरे-धीरे 90 डिग्री तक उठाएं.
हाथों का सहारा लेते हुए पैरों को सिर के पीछे ले जाएं, जब तक कि पैर जमीन को न छू लें.
ठोड़ी को छाती से सटाकर गर्दन और रीढ़ को सीधा रखें.
हाथों को जमीन पर सीधा रखें या कमर को सहारा देने के लिए जोड़ सकते हैं.
इस स्थिति में 20-30 सेकंड तक रहें और धीरे-धीरे सांस लेते रहें.
वापस आने के लिए पैरों को धीरे-धीरे नीचे लाएं और विश्राम करें.
सावधानियां
हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग या स्लिप डिस्क की समस्या हो तो यह आसन न करे
गर्भवती महिलाओं को इस आसन को करने से बचना चाहिए.
शुरुआत में इसे योग प्रशिक्षक की निगरानी में करें.
लाभ
त्वचा में निखार आता है.
थायराइड और पाचन में राहत मिलती है.
रक्त संचार बढ़ता है.
