महामारी बनता जा रहा है मोटापा, इससे सतर्क रहना है जरूरी

महामारी बनता जा रहा है मोटापा, इससे सतर्क रहना है जरूरी
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मोटापा एक आम समस्या मालूम पड़ती है, लेकिन इसे लेकर किये जानेवाले अध्ययनों में लगातार यह चेतावनी दी जा रही है कि जल्द ही भारत में मोटापे की समस्या महामारी का रूप ले सकती है. इसके चलते अन्य कई गंभीर रोगों से पीड़ित लोगों की संख्या में भी तेज इजाफा दिखायी दे सकता है. इससे पहले कि मोटापा आपको या आपके किसी करीबी को अपना शिकार बनाये, एक स्वस्थ जीवन शैली के साथ आप इसे दूर भगाएं…

3 गुना बढ़ गया है बीते 45 वर्षों यानी 1975 के बाद से दुनिया भर में मोटापा.

2025 तक 27 लाख युवाओं के ओवरवेट होने का है अनुमान.

13.5 करोड़ लोग भारत में हैं मोटापे का शिकार.

4 में से 3 भारतीय और हर 2 में से 1 शहर में रहनेवाला व्यक्ति है मोटा.

73 फीसदी देश की शहरी आबादी है ओवरवेट.

1.44 करोड़ की संख्या के साथ चीन के बाद भारत में हैं सबसे अधिक मोटे बच्चे.

डब्ल्यूएचओ के अनुसार, जब किसी व्यक्ति का बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) 25 से अधिक हो तो वह ओवरवेट और 30 से अधिक हो तो वह मोटा कहलाता है.

28 से 38 वर्ष की आयु में पुरुष व महिलाओं में सबसे अधिक है ओवरवेट होने का जोखिम.

26 वर्ष में स्वस्थ रहनेवाला कोई भी व्यक्ति 38 वर्ष का होते-होते मोटापे से ग्रस्त हो सकता है.

देश के पुरुष एवं महिलाओं के मोटापे में हुआ 4 फीसदी का इजाफा

राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-4 में देश की 20.6 फीसदी महिलाएं मोटापे या अधिक वजन का शिकार थीं, वहीं एनएफएसएच-5 में यह आंकड़ा बढ़कर 24 फीसदी हो गया है.

18.9 फीसदी पुरुष मोटापे का शिकार थे एनएफएसएच-4 में, जबकि ताजा सर्वेक्षण में 22.9 फीसदी पुरुष इससे पीड़ित पाये गये हैं.

मोटापा बढ़ने की मुख्य वजहें

शारीरिक गतिविधि में कमी

अनुचित भोजन का सेवन

पारिवारिक इतिहास

भावनात्मक कारक

कई बीमारियों का जनक बन सकता है मोटापा

हाई ब्लड प्रेशर

डायबिटीज

इंफर्टिलिटी

कई प्रकार के कैंसर

हृदय रोग व स्ट्रोक

अस्थमा

ऑस्टियोआर्थराइटिस

डिप्रेशन

लिवर एवं किडनी डिजीज

स्लीप एप्निया

दुनियाभर में सिर्फ मोटापे के कारण हर साल हो रही हैं 28 लाख मौतें, डब्ल्यूएचओ.

2001 में भारत में 4-5 बेरिएट्रिक सर्जरी के मामले थे, 2017 में यह संख्या बढ़कर 30,000 हो गयी.

इससे बचने के लिए क्या करें

पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं.

नियमित सैर पर जाएं व व्यायाम करें.

खाने में फल व सब्जियों की अधिक मात्रा शामिल करें.

एक साथ अधिक खाना खाने से बचें.

समय पर सोएं और पर्याप्त नींद लें.

तमाम कोशिशों के बाद भी वजन कम न हो तो डायटीशियन व फिटनेस एक्सपर्ट की सलाह लें.

क्या न करें

अत्यधिक तले-भुने पदार्थों का सेवन न करें.

जंक फूड, प्रोसेस्ड फूड, फास्ट फूड और बाहर बिकने वाली शुगरी ड्रिंक्स से परहेज करें.

मीठे का सेवन अपनी कुल कैलोरी से 10 प्रतिशत कम रखें.

कभी भी खाना स्किप न करें.

टीवी देखकर खाना न खाएं.

मोटापा कम करने के लिए दवाओं का प्रयोग न करें, प्राकृतिक तरीकों को अपनाएं.

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