क्या कर्मों से बदल सकता है इंसान की उम्र? प्रेमानंज जी महाराज ने दिया सटीक जवाब

क्या कर्मों से बदल सकता है इंसान की उम्र? प्रेमानंज जी महाराज ने दिया सटीक जवाब
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प्रेमानंद जी महाराज राधा रानी के अनन्य भक्त हैं. हिन्दू धर्म में आस्था रखने वाला अमूमन हर इंसान उनसे परिचित है. उनके दर्शन के लिए दूर-दूर से लोग वृंदावन आते हैं. वह अपने सत्संग के जरिए लोगों का मार्गदर्शन करते हैं. साथ ही सद्मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करते हैं. प्रेमानंद जी की ख्याति इतनी है कि उनके दर्शन के लिए बड़े-बडे़ सेलिब्रिटी, राजनेता और क्रिकेटर आते हैं. दर्शन के लिए आए श्रद्धालु अपनी तमाम उलझनों को लेकर भी महाराज के पास आते हैं. भक्त उनसे सांसारिक जीवन से जुड़े कई सवाल उनसे पूछते हैं, जिसका प्रेमानंद जी तर्क के साथ उत्तर देते हैं. इसी तरह एक भक्त ने महाराज से पूछा कि क्या कर्मों से उम्र कम और ज्यादा होती है?

प्रेमानंद जी महाराज ने दिया ये जवाब

प्रेमानंद जी महाराज ने श्रद्धालु के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि पिछले जन्म के कर्म के द्वारा इस जन्म की उम्र का निर्धारण होता है. हालांकि, अगर इस जन्म में आप भी कोई बड़ा अपराध करते हैं, तो उम्र में कमी हो जाती है. उदाहरण देते हुए प्रेमानंद जी महाराज ने कहा कि अगर आपकी उम्र 80 साल निर्धारित है. लेकिन अगर आप कोई बड़ा अपराध करते हैं, तो आपकी अकाल मृत्यु भी हो सकती है. इसके अलावा, जो व्यक्ति सूर्योदय तक नहीं उठ पाता है, उसकी आयु भी घटने लगती है. ये आदत आपकी बुद्धि को नष्ट करने के साथ चेहरे के तेज को भी कम कर देती है. साथ ही व्यक्ति आसुरी प्रवृत्ति का होता चला जाता है.

अकाल मृत्यु से कैसे बचें?

प्रेमानंद जी महाराज ने अकाल मृत्यु से बचने के उपाय दिए हैं. जो व्यक्ति चरणामृत पीता है, तीर्थों में जाता है, गंगा में स्नान करता है और संतों का सत्संग सुनता है, वह अकाल मृत्यु से बच सकता है. इसके अलावा, व्यक्ति को सूर्योदय से पहले उठने का प्रयास करना चाहिए.

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