महाशिवरात्रि पर इन चीजों को भूलकर भी न चढ़ाएं,वरना बढ़ सकती हैं आपकी मुश्किलें

महाशिवरात्रि का दिन भगवान शिव को समर्पित होता है.भक्त इस दिन शिव की पसंदीदा चीजों से भोग लगते हैं और मनोकामना भी मांगते हैं.लेकिन क्या आप जानते हैं की कुछ ऐसी भी चीजें है जो भगवान शिव को चढ़ाना वर्जित है अर्थात इन चीजों से पूजा करने पर भगवान शिव नाराज भी हो सकते हैं. इसलिए शिव की पूजा करते समय इन चीजों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. इसलिए आज हम आपको उन चीजों के बारे में बताएंगे जिन्हें आपको महाशिवरात्रि के दिन शिवलिंग पर भूलकर भी नहीं चढ़ाना चाहिए.
तुलसी : एक पौराणिक कथा के अनुसार तुलसी को श्रापित कहा गया है और भगवान शिव के द्वारा ही तुलसी के पति का वध किया गया था.जिसकी वजह से भगवान शिव को तुलसी चढ़ाना वर्जित है और आपको भगवान शिव को तुलसी कभी नहीं चढ़ाना चाहिए.
सिंदूर : भगवान शिव को सिंदूर लगाना वर्जित है. इसके बजाय आप शिव की पूजा में चंदन या भस्म का उपयोग कर सकते हैं.
टूटा हुआ चावल : पूजा में चावल के दाने जिसे अक्षत कहा जाता है इसको बहुत शुभ माना जाता है. लेकिन टूटे हुए चावल के दानों को कभी भी अक्षत के रूप में इस्तेमाल नहीं करना चाहिए.
गुड़हल : भगवान शिव को वैरागी कहा जाता है और गुड़हल के फूल को भाग्य का प्रतीक माना जाता है. इसके लाल रंग के कारण भगवान शिव को यह फूल नहीं चढ़ाया जाता है. इसके बजाये धतूरे का फूल भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है. आप महाशिवरात्रि के शुभ अवसर पर शिवलिंग पर धतूरे का फूल जरूर चढ़ाएं.
हल्दी : स्त्री का प्रतीक होने के कारण हल्दी को भगवान शिव पर नहीं चढ़ाया जाता है. इसलिए महाशिवरात्रि के शुभ अवसर पर आप शिव को हल्दी न चढ़ाएं.
नारियल : नारियल को लक्ष्मी का प्रतीक माना गया है और लक्ष्मी मां का सम्बन्ध भगवान विष्णु से है. इसकी वजह से भगवान शिव के पूजा में नारियल या उसके पानी का इस्तेमाल नहीं किया जाता है.
