इन घरों में खुद आकर रहती है मां लक्ष्मी, सुख-समृद्धि और पैसों की कभी नहीं होती कमी

आचार्य चाणक्य को अपने समय से सबसे ज्ञानी और विद्वान पुरुष के तौर पर भी जाना जाता है. अपने जीवनकाल के दौरान मानव जाति की भलाई के लिए इन्होने कई तरह की नीतियों की रचना की थी. इन नीतियों को बाद में चाणक्य नीति के नाम से जाना जाने लगा. कहा जाता है अगर किसी भी व्यक्ति को एक सफल और समृद्ध जीवन की तलाश हैं तो ऐसे में उसे चाणक्य नीति में बताई गयी बातों का ख्याल जरूर रखना चाहिए. आज हम आपको चाणक्य नीति में बताये गए कुछ ऐसे घरों के बारे में बताने जा रहे हैं जिन घरों में मां लक्ष्मी स्वयं आकर निवास करती है. इन घरों में रहने वाले लोगों को जीवन में कभी भी आर्थिक तंगी का सामना नहीं करना पड़े और इन लोगों के जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है. तो चलिए इन घरों के बारे में विस्तार से जानते हैं.
अन्न की बर्बादी न करना
चाणक्य नीति के अनुसार मां लक्ष्मी का निवास उन घरों में होता है जिन घरों में अन्न की बर्बादी नहीं की जाती है. इस तरह के घरों में रहने वाले लोगों को कभी भी पैसों की तंगी का सामना नहीं करना पड़ता है. इन घरों में पैसों का आना लगातार बना रहता है. ऐसे भी अगर आप चाहते हैं कि जीवन में कभी भी आर्थिक तंगी का सामना न करना पड़े तो आपको अन्न की बर्बादी करने से बचना चाहिए.
दान-पुण्य की आदत
चाणक्य नीति के अनुसार मां लक्ष्मी का निवास उन घरों में होता है जिन घरों में रहने वाले लोगों को दान-पुण्य करने की आदत होती है. इन घरों में रहने वाले लोगों को जीवन में कभी भी आर्थिक समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ता है. जिन भी घरो में रहने वाले लोगों को दान-पुण्य की आदत होती है उनमें रहने वाले लोगों पर मां लक्ष्मी की खास कृपा रहती है. इन लोगों से मां लक्ष्मी हमेशा ही प्रसन्न रहती है.
मेहमानों का आदर और सत्कार
आचार्य चाणक्य के अनुसार जिन भी घरों में वहां आने वाले मेहमानों का आदर-सत्कार और सम्मान किया जाता है उन घरों में बरकत हमेशा बनी हुई रहती है. इन घरों में कभी भी पैसों की कमी नहीं होती है. ऐसा होने के पीछे एक मुख्य कारण होता है कि इन घरों में रहने वाले लोग मेहमान को भगवान के तौर पर देखते हैं और इनका आदर सत्कार भी करते हैं. इन घरों में रहने वाले लोगों से मां लक्ष्मी हमेशा ही प्रसन्न रहती है.
