क्यों आपको दिन-रात सताती है किसी की याद? साइकोलॉजी में है इस सवाल का जवाब

क्यों आपको दिन-रात सताती है किसी की याद? साइकोलॉजी में है इस सवाल का जवाब
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अपनी लाइफ में हम कई लोगों से मिलते हैं. कुछ लोगों का व्यक्तित्व इतना प्रभावशाली होता है कि हमारे दिमाग पर उनका इंप्रेशन रह जाता है. किसी से मिलने के बाद उनके बारे में हमारा दिमाग जरुर सोचता है. मगर कभी-कभी बिना किसी वजह के भी हम कुछ लोगों को याद करते हैं या फिर उनका ख्याल हमारे मन में अचानक से आ जाता है. आपने भी यह बात नोटिस की होगी कि आप बहुत समय से किसी व्यक्ति के संपर्क में नहीं होते हैं पर उस व्यक्ति की याद आपको आती है. ऐसा आखिर क्यों होता है? इस बात का जवाब छुपा हुआ है साइकोलॉजी में. आइए जानते हैं साइकोलॉजी के अनुसार हमें लोगों की याद क्यों आती है?

पुरानी और अच्छी याद

अक्सर हम उन्हीं लोगों को याद करते हैं जिनके साथ हमने अच्छा समय गुजारा हो. साइकोलॉजी के अनुसार अच्छी यादें हमारे दिमाग को अच्छा फील करवाती हैं. इसलिए इन अच्छी यादों के कारण ही हमें लोगों का ख्याल आता है.

आकर्षण

अगर आप किसी इंसान के प्रति आकर्षित हैं तो उस इंसान की याद आना बहुत आम बात है. अगर आप किसी को पसंद करते हैं तो उनकी पर्सनालिटी आपको आकर्षित करती हैं और आप उनके बारे में दिनभर सोचते हैं. इस कारण वह व्यक्ति आपके दिमाग में रहता है.

आपस में दूरी

अगर आपको भी किसी व्यक्ति की याद आती है तो इसका एक कारण दूरी भी हो सकता है. आपसी दूरी होने की वजह भी आपको किसी इंसान की याद दिला सकते हैं. आपके जीवन की कोई घटना भी आपको किसी खास व्यक्ति की याद दिला देता है. कभी-कभी जीवन में कमी के कारण भी आपको किसी की याद आ सकती है.

आपके लिए उनका व्यवहार

साइकोलॉजी के अनुसार अगर कोई इंसान हमारी मदद करता है, तो उस इंसान को लेकर हमारे दिमाग में एक अच्छी इमेज बन जाती है. उस इंसान की मदद करने की भावना हमें याद आती है.

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